Hoshiarpur Child Murder: होशियारपुर में 5 साल के मासूम बच्चे हरबीर की निर्मम हत्या ने पूरे पंजाब में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। 9 सितंबर को हरबीर का अपहरण कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। आज, गुरुद्वारा सिंह सभा में हरबीर का अंतिम भोग डाला गया और उसे श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दुखद घटना ने न केवल हरबीर के परिवार, बल्कि पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। अंतिम भोग के बाद, सिख संगठनों और स्थानीय लोगों ने प्रवासी लोगों के खिलाफ रोष मार्च निकाला, जिसमें सख्त कानून बनाने और हरबीर के परिवार को न्याय दिलाने की मांग की गई।
हरबीर के परिवार का दर्द असहनीय है। उसके पिता अमनदीप ने कहा, “मेरे बच्चे के साथ जिसने यह घिनौना काम किया, उसे फांसी की सजा मिलनी चाहिए।” परिवार ने बताया कि आरोपी उनके पड़ोस में एक फल और सब्जी की दुकान पर काम करता था और उसने पहले से ही उनके घर की रेकी की थी। स्थानीय लोगों ने भी पुष्टि की कि आरोपी को पहले कई बार हरबीर के घर के आसपास देखा गया था। श्रद्धांजलि सभा और रोष प्रदर्शन के दौरान हरबीर के पिता मां और छोटी बहन भी मौजूद रहे।
इस घटना ने प्रवासी लोगों की पृष्ठभूमि की जांच और वेरिफिकेशन के लिए सख्त कानून की मांग को और तेज कर दिया है।होशियारपुर की सड़कों पर रोष प्रदर्शन में सैकड़ों लोग शामिल हुए। सिख संगठनों के नेतृत्व में निकाले गए इस मार्च में लोग हरबीर के लिए न्याय की मांग करते हुए नारे लगा रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार को तुरंत कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने मांग की कि प्रवासियों के लिए कड़े वेरिफिकेशन नियम लागू किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। यह घटना केवल होशियारपुर तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे पंजाब में लोगों का गुस्सा प्रवासियों के खिलाफ फूट पड़ा है। हरबीर की हत्या ने समाज में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। लोग चाहते हैं कि हरबीर के परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिले और दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। हरबीर की यादें उसके परिवार और समुदाय के दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगी। इस रोष मार्च और प्रदर्शन के जरिए लोग न केवल हरबीर को श्रद्धांजलि दी, बल्कि यह संदेश भी दिया कि ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
