Chandigarh: चंडीगढ़ पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) को बड़ी सफलता मिली है। एएनटीएफ की टीम ने चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली के सबसे बड़े ड्रग सप्लायर कहे जाने वाले खड़क बहादुर को गिरफ्तार कर लिया है। एएनटीएफ टीम इस आरोपी तक हाल ही में गिरफ्तार किए गए तनुज गर्ग से पूछताछ के आधार पर पहुंची। तनुज को पंजाब यूनिवर्सिटी और शहर के दूसरे कॉलेजों में ड्रग सप्लाई करने के आरोप में पकड़ा गया था। इस आरोपी ने ही एएनटीएफ टीम को खड़क बहादुर के बारे में पुख्ता जानकारी दी।
चंडीगढ़ का मुख्य ड्रग्स सप्लायर पकड़ा गया (प्रतीकात्मक तस्वीर)
एएनटीएफ इंस्पेक्टर सतविंदर सिंह ने बताया कि, 63 वर्षीय आरोपी खड़क बहादुर मूलरूप से नेपाल का रहने वाला है। इसने मौजूदा समय में हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के मनीकरण इलाके में अपना ठिकाना बना रखा है। पुलिस ने इस आरोपी को यहीं एक गांव नखटां से दबोचा। पुलिस ने इसके पास से पांच किलो चरस भी बरामद किया है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
आरोपी कुल्लू के जंगल में करता था चरस की खेती
इंस्पेक्टर सतविंदर सिंह ने बताया कि, आरोपी खड़क बहादुर कुल्लू के जंगली इलाके में चरस की खेती करता था। जब चरस की फसल तैयार हो जाती तो यह आरोपी नेपाल से अपने जानकारों को बुलाकर चरस की कटाई करवा देता था। इसके बाद पूरे साल यह अपने एजेंटों के सहयोग से चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल और हरियाणा तक में चरस बेचता था। पुलिस के अनुसार, इन सभी जगहों पर चरस का मुख्य सप्लायर यही आरोपी था। आरोपी के निशाने पर हिमाचल घुमने आने वाले युवा भी होते थे। आरोपी को कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस अब इस आरोपी से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि, ट्राइसिटी में इसके कितने एजेंट है और यह कहां-कहां चरस की सप्लाई करता था। पुलिस के अनुसार, इस आरोपी से अब पूरी सप्लाई चेन का पता चलेगा। बता दें कि, इससे पहले तीन दिसंबर को एएनटीएफ टीम ने आरोपी तनुज की गिरफ्तारी की थी। उसके कब्जे से पुलिस को 110 ग्राम चरस बरामद हुई थी। सेक्टर-49 थाने पुलिस ने आरोपी को तीन दिन की रिमांड पर लेकर जब सख्ती से पूछताछ की तो खड़क बहादूर के बारे में पता चला, जिसके बाद टीम ने कुल्लू में रेड कर इस आरोपी को दबोचा।
