Chandigarh News: गैंगस्टरों के खिलाफ पंजाब पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पंजाब पुलिस की स्पेशल टीम ने चंडीगढ़ के छत्त गांव से बंबीहा गैंग के चार शूटरों को दबोचा है। गिरफ्तार किए गए इन बदमाशों में दो बदमाश हाल ही में हुई उत्तराखंड माइनिंग व्यापारी की हत्या की वारदात में शामिल रहे हैं। पुलिस को इन आरोपियों के पास से भारी मात्रा में हथियार व गोला बारूद भी मिला है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साधु सिंह, मनप्रीत सिंह उर्फ मनी, जगदीश सिंह उर्फ दीशा, जसप्रीत सिंह उर्फ लौक के रूप में हुई है। ये सभी बदमाश जिला मानसा के रहने वाले हैं।
गिरफ्तार शूटरों से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए
इस गिरफ्तारी की जानकारी पंजाब डीजीपी पंजाब गौरव यादव की तरफ से दी गई। उन्होंने बताया कि, इन बदमाशों को पकड़ने के लिए एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स, काउंटर इंटेलिजेंस, पंजाब पुलिस, दिल्ली स्पेशल सेल और उत्तराखंड पुलिस ने मिलकर संयुक्त रूप से चलाया। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से एक .30 बोर पिस्तौल, 9 एमएम पिस्तौल, तुर्की की बनी 9 एमएम पिस्टल समेत 7 मैगजीन और करीब 30 जिंदा कारतूस बरामद किया है। इसके अलावा एक पावरफुल बाइक भी मिली है।
आतंकवादी बने अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला के निर्देश पर हुई हत्या
बता दें कि, बीते 13 अक्टूबर को उत्तराखंड के काशीपुर में इन बदमाशों ने माइनिंग व्यापारी 70 वर्षीय महल सिंह की उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी थी। जिसके बाद से पंजाब और उत्तराखंड पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि, अभी तक की जांच में पता चला है कि, गिरफ्तार आरोपित साधु सिंह और मनप्रीत सिंह ने अपने दूसरे साथियों के साथ मिलकर माइनिंग व्यापारी महल सिंह की हत्या की थी। इस हत्या का निर्देश गैंगस्टर से आतंकवादी बने अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला द्वारा दिया गया था। आरोपी जगदीश सिंह और जसप्रीत सिंह ने इस हत्या में लॉजिस्टिक सपोर्ट देने के साथ मृतक के घर की रेकी की थी। इन सभी आरोपियों के खिलाफ थाना जीरकपुर में आईपीसी की धारा 392, 384, 473, 120बी और आर्म्स एक्ट की धाराओं 25 (7) और (8) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों को सेफ हाउस लेकर पूछताछ करने में जुटी है।
