Chandigarh: चंडीगढ़ की सभी 89 पेड पार्किंग को अब बैंक चलाएंगे, इस तारीख से देना होगा शुल्‍क

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 14, 2023, 07:57 PM IST

Chandigarh: चंडीगढ़ नगर निगम अपने सभी 89 पेड पार्किंग के संचालन की जिम्‍मेदारी अब बैंक को सौंपने जा रहा है। बैंक कल अपने-अपने प्रस्‍ताव नगर निगम को सौंपेगे। जिसका प्रस्‍ताव सबसे बेहतर रहेगा, उसे इन पार्किंग की जिम्‍मेदारी सौंप दी जाएगी। इन सभी पार्किंग में 21 फरवरी से शुल्‍क की वसूली शुरू हो जाएगी।

KEY HIGHLIGHTS
  • विभिन्‍न बैंक कल नगर निगम को सौंपेंगे अपना प्रस्‍ताव
  • पार्किंग में शुल्‍क वसूली न होने से निगम को रोजाना 86 लाख का घाटा
  • सभी पार्किंग का संचालन 21 फरवरी से हो जाएगा शुरू


Chandigarh: चंडीगढ़ नगर निगम के सभी 89 पेड पार्किंग का संचालन अब बैंक करेंगे। नगर निगम इन पार्किंग के संचालन की जिम्‍मेदारी बैंकों को सौंपने जा रहा है। विभिन्‍न बैंक कल यानी 15 फरवरी को अपना प्रस्‍ताव नगर निगम को सौंपेंगे। जिस बैंक का प्रस्ताव बेहतर होगा, उसे आगामी एक साल के लिए इन पार्किंगों के संचालन की जिम्‍मेदारी सौंप दी जाएगी। नगर निगम का प्रयास है कि फ्री चल रहे इन सभी पार्किंग में 21 फरवरी से शुल्‍क की वसूली शुरू कर दी जाए। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली में एमसीडी इसी तरह से अपने पार्किंग की जिम्‍मेदारी बैंकों को दे रखी है, जिससे एमसीडी को काफी फायदा हो रहा है। इसी तर्ज पर चंडीगढ़ भी अब अपने पार्किंगों के संचालन की जिम्‍मेदारी बैंकों को देने जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार इससे जहां बैंक में प्रतिदिन ट्रांजेक्शन बढ़ेगा। वहीं, इससे निगम को भी सीधे तौर पर करोड़ों रुपये का फायदा मिलेगा।

Chandigarh Corporation Parking

चंडीगढ़ सेक्‍टर 7 में स्थित नगर निगम की पार्किंग (प्रतीकात्मक तस्वीर)

बता दें कि चंडीगढ़ नगर निगम के पास कुल 89 पेड पार्किंग हैं। निगम इन सभी पार्किंग को दो भागों में बांटकर ठेके पर देता है। अभी तक इनका संचालन प्राइवेट ठेकेदार कर रहे थे। जोन दो के पार्किंग का ठेका 23 जनवरी को समाप्त हो गया था और जोन 2 के पार्किंग का ठेका 31 जनवरी को समाप्त हुआ था। जिसके बाद से ये सभी पार्किंग फ्री हैं। इनमें वाहन खड़े करने पर अभी कोई शुल्‍क नहीं वसूला जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार इन पार्किंग के खाली होने के कारण निगम को प्रतिदिन करीब 86 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। निगम को अभी तक दोनों जोन से रोजाना 45 लाख और 41 लाख रुपये मिलते थे। इस नुकसान को रोकने के लिए निगम अधिकारी जल्‍द से जल्‍द इन पार्किंग का दोबारा से संचालन शुरू करना चाहते हैं।

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