CSMT से नई दिल्ली तक... क्या आप भी पी रहे हैं रेलवे स्टेशनों का पानी? CAG की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, मिला खतरनाक बैक्टीरिया

CAG की ताजा रिपोर्ट में भारतीय रेलवे में यात्री सुविधाओं और पेयजल स्वच्छता की गंभीर लापरवाही सामने आई है। 512 में से 89% स्टेशनों पर बुनियादी सुविधाओं की कमी पाई गई, वहीं कई स्टेशनों के वाटर कूलर और नलों के पानी में खतरनाक E. Coli बैक्टीरिया मिला है।

भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) की ताजा ऑडिट रिपोर्ट में भारतीय रेलवे की यात्री सुविधाओं और स्वच्छता व्यवस्था की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। 12 अगस्त को संसद में पेश की गई रिपोर्ट (Passenger amenities and sanitation at non-suburban railway stations in Indian Railways) में खुलासा हुआ है कि रेलवे बोर्ड के स्पष्ट दिशानिर्देशों के बावजूद विभिन्न जोनों ने नियमों का कड़ाई से पालन नहीं किया। इसके चलते स्टेशनों पर वाटर कूलर के पानी में खतरनाक ई-कोलाई बैक्टीरिया मिलने से लेकर शौचालयों में भारी गंदगी जैसी कमियां पाई गई हैं।

e coli drinking water railway stations

59 स्टेशनों पर पीने के पानी की नहीं हुई थी जांच (सांकेतिक चित्र)

89% से अधिक स्टेशनों पर न्यूनतम सुविधाओं की कमी

CAG ने देश भर के 512 गैर-उपनगरीय स्टेशनों का विस्तृत ऑडिट किया। जांच में सामने आया कि इनमें से 458 स्टेशन यानी 89% से अधिक न्यूनतम आवश्यक सुविधाओं (MEA) के तय मानकों पर खरे नहीं उतरे। कई प्रमुख स्टेशनों पर पीने के पानी, बैठने की व्यवस्था, शौचालय, पंखे, शेड और इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड जैसी बुनियादी चीजें या तो उपलब्ध ही नहीं थीं, या जरूरत से काफी कम थीं।

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