उद्घाटन भइल, पुल गइल : अभी भागलपुर में विक्रमशिला सेतु को गंगा नदी में समाए ज्यादा दिन नहीं हुए हैं। लोग 4 मई 2026 को हुई उस घटना को भूले नहीं हैं, जब 2001 में बने पुल के कई स्लैब गंगा नदी में गिर गए थे। उत्तर बिहार को दक्षिण बिहार से जोड़ने वाला यह काफी अहम पुल था। पुल क्षतिग्रस्त होने एक घटना आज बिहार के ही बक्सर से सामने आई है। यहां इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग के बने नया रेलवे ओवरब्रिज उद्घाटन के महज 4 दिन बाद ही क्षतिग्रस्त हो गया और पुलिस प्रशासन ने इस पर वाहनों की आवाजाही रोक दी है।
बक्सर में उद्घाटन के चार दिन बाद ही टूटा पुल
उद्घाटन के सिर्फ चार दिन बाद ही इस तरह से पुल के क्षतिग्रस्त होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस ओवरब्रिज के क्षतिग्रस्त होने की सूचना जैसे ही रेलवे प्रशासन और जिला प्रशासन को मिली, वहां हड़कंप मच गया। एहतियातन जिला प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से पुल पर सभी प्रकार की गाड़ियों पर रोक लगा दी है और मामले की जांच भी शुरू कर दी है।
1 जून को ही हुआ था उद्घाटन
बताया जा रहा है कि इटाढ़ी रेलवे ओवरब्रिज का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन 1 जून 2026 को ही किया गया था। उद्घाटन के बाद आज पांचवा दिन है और सिर्फ चार दिन बीतने पर ही पुल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त दिखने लगा। शिकायत मिलने पर प्रशासन हरकत में आया। सुरक्षा की दृष्टि से पुल को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
26 करोड़ में बना ओवरब्रिज
जानकारी के अनुसार इस रेलवे ओवरब्रिज को 26 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था। इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग पर वाहनों का दबाव काफी ज्यादा होने के कारण यहां अक्सर लंबा जाम लगा रहता था। इसके चलते लोगों की वर्षों से मांग थी कि यहां पर रेलवे ओवरब्रिज बनाया जाए।
पुल के टूटने से लोग हैरान
लोगों की मांग को देखते हुए प्रशासन ने यहां पर रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य शुरू किया और 1 जून 2026 को उद्घाटन भी हो गया। स्थानीय लोगों को बड़ी उम्मीद थी कि अब उन्हें रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले लंबे जाम से मुक्ति मिल जाएगी। उन्हें घंटों जाम में नहीं फंसना पड़ेगा। लेकिन उद्घाटन के चार दिन बाद ही पुल के क्षतिग्रस्त होने से लोगों की उम्मीदें धूल में मिल गईं।
नए बने पुल के इस तरह से क्षतिग्रस्त होने ले लोग काफी हैरान हैं। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
