UP in Union Budget 2026: द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 में देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को नई पहचान देने की दिशा में एक अहम घोषणा की है। इसके तहत उत्तर प्रदेश के सारनाथ और हस्तिनापुर को देश के 15 प्रमुख पुरातात्विक स्थलों की सूची में शामिल किया गया है, जिन्हें “वाइब्रेंट, एक्सपीरिएंशियल कल्चरल डेस्टिनेशन” के रूप में विकसित किया जाएगा। सारनाथ वाराणसी में स्थित है, जबकि हस्तिनापुर मेरठ जिले में पड़ता है। दोनों ही स्थल भारत की धार्मिक, ऐतिहासिक और सभ्यतागत विरासत में बेहद महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।
हस्तिनापुर और सारनाथ में पर्यटन की सुविधा होगी बेहतर
क्या है सरकार की योजना
वित्त मंत्री के अनुसार, इन पुरातात्विक स्थलों पर खुदाई वाले क्षेत्रों को आम लोगों के लिए खोला जाएगा। इसके लिए क्यूरेटेड वॉकवे बनाए जाएंगे, जहां आगंतुक इतिहास को करीब से देख और समझ सकेंगे। इसके साथ ही इमर्सिव स्टोरीटेलिंग तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे संरक्षण प्रयोगशालाओं, व्याख्या केंद्रों और टूर गाइड्स को आधुनिक स्वरूप दिया जा सके। इस योजना में साइट्स की वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण, सुविधाओं का उन्नयन और संरचित व्याख्या प्रणाली को शामिल किया गया है, ताकि पर्यटक केवल घूमने ही नहीं, बल्कि इतिहास को अनुभव कर सकें।
सारनाथ: बुद्ध की प्रथम देशना का स्थल
सारनाथ वह ऐतिहासिक स्थल है, जहां भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपना पहला उपदेश दिया था। बजट प्रस्ताव के अनुसार, सारनाथ का विकास इस तरह किया जाएगा कि उसकी आध्यात्मिक पवित्रता बनी रहे और साथ ही पर्यटकों का अनुभव भी बेहतर हो। यहां व्याख्या केंद्रों, आधुनिक सूचना प्रणालियों और संरक्षित मार्गों के जरिए बौद्ध विरासत को वैश्विक स्तर पर और सशक्त रूप से प्रस्तुत किया जाएगा।
हस्तिनापुर: महाभारत कालीन राजधानी
हस्तिनापुर, जो कौरव वंश की राजधानी और महाभारत काल का प्रमुख केंद्र माना जाता है, उसे एक बड़े हेरिटेज डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। योजना के तहत यहां खुदाई स्थलों को आम जनता के लिए खोला जा सकता है और नए इंटरप्रिटेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। ये केंद्र हस्तिनापुर के ऐतिहासिक विकास, पुरातात्विक खोजों और सांस्कृतिक महत्व की विस्तृत जानकारी प्रदान करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, इससे शैक्षणिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और शोधकर्ताओं, छात्रों व इतिहासकारों को लाभ होगा।
उत्तर प्रदेश सरकार ने बताया बड़ी उपलब्धि
उत्तर प्रदेश सरकार ने सारनाथ और हस्तिनापुर को इस राष्ट्रीय विकास कार्यक्रम में शामिल किए जाने को राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। सरकार के अनुसार, इससे यूपी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर मजबूती मिलेगी और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा
बजट घोषणा का स्थानीय स्तर पर भी स्वागत किया गया है। लोगों का मानना है कि पर्यटन बढ़ने से होटल, गाइड सेवाएं, हस्तशिल्प, परिवहन और अन्य संबंधित क्षेत्रों में गतिविधियां तेज होंगी। इससे न सिर्फ स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि पारंपरिक कलाओं और आजीविका के नए अवसर भी पैदा होंगे। गौरतलब है कि हस्तिनापुर का उल्लेख इससे पहले केंद्रीय बजट 2020-21 में “आइकॉनिक पुरातात्विक स्थल” के रूप में किया गया था, लेकिन 2026-27 का यह प्रस्ताव इसे बड़े पैमाने पर विकसित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
