तोतों ने खाए किसान के अनार; कोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार, सुनाया बड़ा आदेश

Parrot Crop Damage: बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को आदेश दिया है कि तोतों द्वारा अनार के पेड़ों को नुकसान पहुंचाने पर किसान को मुआवजा दिया जाए। कोर्ट ने कहा कि वन्यजीवों से हुए नुकसान की भरपाई सरकार की जिम्मेदारी है।

Parrot Crop Damage: बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) की नागपुर पीठ ने एक अहम फैसले में महाराष्ट्र सरकार को एक किसान को मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह मामला वर्धा जिले के एक किसान से जुड़ा है, जिनकी अनार की फसल को तोतों ने नुकसान पहुंचाया था। अदालत ने साफ कहा कि तोते भी वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत संरक्षित वन्य जीव हैं, इसलिए उनके कारण हुए नुकसान की भरपाई सरकार को करनी होगी। यह मामला वर्धा जिले के हिंगी गांव के 70 वर्षीय किसान महादेव डेकाटे से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि साल 2016 में पास के जंगल से आए जंगली तोतों ने उनके अनार के करीब 200 पेड़ों को नुकसान पहुंचाया। इसके बाद उन्होंने सरकार से मुआवजे की मांग की, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। आखिरकार उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया।

Parrot Crop Damage

तोतों के हमले से फसल खराब, कोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार

राज्य सरकार ने कोर्ट में दी थी ये दलील

मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी-फाल्के और निवेदिता मेहता की पीठ ने कहा कि अगर किसानों को इस तरह के नुकसान का मुआवजा नहीं मिलेगा, तो वे अपनी फसल बचाने के लिए ऐसे कदम उठा सकते हैं, जिससे वन्यजीवों को नुकसान पहुंच सकता है। यह स्थिति कानून के मकसद के खिलाफ होगी, क्योंकि इस कानून का उद्देश्य वन्यजीवों की रक्षा करना है। राज्य सरकार ने अदालत में यह दलील दी कि मुआवजा सिर्फ उन मामलों में दिया जाता है, जब जंगली हाथी या भैंसे फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। लेकिन अदालत ने इस तर्क को खारिज कर दिया।

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