प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से भारतीय जनता पार्टी एक महीने का बड़ा राष्ट्रव्यापी जनसंपर्क अभियान शुरू करने की तैयारी में है। इस अभियान के तहत वाराणसी और वडनगर से एक साथ यात्राएं निकाली जाएंगी, जिसका उद्देश्य देश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को राजनीतिक और संगठनात्मक रूप से जोड़ना होगा।
BJP की मेगा जनसंपर्क यात्रा।
सूत्रों के मुताबिक, वाराणसी और वडनगर दोनों शहरों से 10-10 टीमें रवाना होंगी। वाराणसी से निकलने वाली टीमें करीब एक महीने की यात्रा पूरी कर वडनगर पहुंचेंगी, जबकि वडनगर से रवाना होने वाली टीमें लगभग एक महीने में वाराणसी पहुंचेंगी।
हर टीम रोजाना तय करेगी करीब 100 किलोमीटर का सफर
इस यात्रा में शामिल प्रत्येक टीम प्रतिदिन करीब 100 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। टीम में 10 से अधिक बाइकर्स, बसें और बीजेपी कार्यकर्ता शामिल होंगे। यात्रा के दौरान अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में पहुंचकर कार्यकर्ता जनता से सीधा संवाद करेंगे।
बीजेपी कार्यकर्ता यात्रा के दौरान केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और विभिन्न राज्यों की बीजेपी सरकारों की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाएंगे। सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों का संदेश जमीनी स्तर तक पहुंचाने पर विशेष जोर रहेगा।
हर पड़ाव पर होंगे चार कार्यक्रम
यात्रा के दौरान रोजाना करीब 100 किलोमीटर का सफर पूरा करने के बाद जिस स्थान पर टीम का पड़ाव होगा, वहां पहले से निर्धारित चार कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए मोदी सरकार के साथ-साथ संबंधित राज्य की बीजेपी सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा जाएगा। स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क और संगठनात्मक गतिविधियों को भी इन कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा।
वाराणसी-वडनगर के जरिए बड़ा राजनीतिक संदेश
बीजेपी की इस प्रस्तावित यात्रा में वाराणसी और वडनगर को केंद्र में रखा गया है। वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है, जबकि वडनगर उनका जन्मस्थान है। ऐसे में दोनों शहरों को जोड़ते हुए निकाली जाने वाली यह यात्रा बीजेपी के लिए राजनीतिक और संगठनात्मक तौर पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वाराणसी से वडनगर और वडनगर से वाराणसी तक एक साथ चलने वाली इन यात्राओं के जरिए बीजेपी देश के अलग-अलग राज्यों में संगठन और जनता के बीच संपर्क बढ़ाने की कोशिश करेगी।
कुल मिलाकर, 17 सितंबर से शुरू होने वाला यह एक महीने का अभियान बीजेपी का बड़ा ईस्ट-टू-वेस्ट कनेक्ट कार्यक्रम होगा, जिसमें सरकार की उपलब्धियों के साथ पार्टी के संगठनात्मक नेटवर्क को भी जनता के बीच ले जाने की रणनीति दिखाई दे रही है।
