Delhi Unauthorised Colonies Regularisation: दिल्ली में अवैध कॉलोनियों और उनमें रहने वाले लाखों लोगों के आशियानों को लेकर एक बड़ी राजनीतिक हलचल शुरू हो गई है। दक्षिण दिल्ली से भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने राजधानी की 'ओ-जोन' (O-Zone) और 69 पॉश कॉलोनियों के साथ-साथ संगम विहार जैसी अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने की पुरजोर मांग उठाई है।
डीडीए अफसरों से मिले भाजपा सांसद बिधूड़ी (फोटो: X/@RamvirBidhuri)
इस सिलसिले में गुरुवार को सांसद बिधूड़ी के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में डीडीए (Delhi News) के सदस्य और विधायक करतार सिंह तंवर और चंदन चौधरी भी शामिल थे। बैठक के दौरान भाजपा नेताओं ने अधिकारियों से दो टूक कहा कि जब तक इन कॉलोनियों के नियमितीकरण का कोई ठोस रास्ता नहीं निकल जाता, तब तक यहां किसी भी तरह की तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
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क्या है ओ-जोन और पॉश कॉलोनियों का पेच?
आपको बता दें कि यमुना नदी के खादर (बाढ़ प्रभावित और पर्यावरण के लिहाज से संवेदनशील) इलाके में बसी कॉलोनियों को 'ओ-जोन' कहा जाता है। वहीं, दक्षिण, मध्य और लुटियंस दिल्ली के आस-पास की 69 ऐसी कॉलोनियां हैं जिन्हें 'पॉश या समृद्ध' कॉलोनियों की श्रेणी में रखा गया है। नियमों के उल्लंघन के चलते ये कॉलोनियां लंबे समय से अवैध चल रही हैं।
सांसद की दलील
बिधूड़ी ने डीडीए के उपाध्यक्ष को तर्क देते हुए समझाया कि ओ-जोन की कॉलोनियां पहले 'एफ-जोन' में आती थीं और उन्हें वापस उसी जोन में लाने के लिए एक नोटिफिकेशन भी जारी हुआ था, लेकिन यह मामला लंबे समय से अटका हुआ है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि हाई कोर्ट ने भी इन पॉश कॉलोनियों को नियमित करने की मंजूरी दे दी है।
संगम विहार का मुद्दा भी गरमाया
बैठक में एशिया की सबसे बड़ी अनधिकृत कॉलोनियों में शुमार 'संगम विहार' का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। बिधूड़ी ने अधिकारियों को बताया कि इन कॉलोनियों को पहले प्रोविजनल (अस्थायी) सर्टिफिकेट दिए गए थे, लेकिन नियमित होने वाली कॉलोनियों की मौजूदा लिस्ट से इन्हें बाहर कर दिया गया है, जो कि गलत है।
भाजपा सांसद ने साफ कहा कि साल 2014 के एक आदेश के तहत इन कॉलोनियों को विशेष सुरक्षा मिली हुई है। इसलिए प्रशासन को यहां बुलडोजर चलाने या तोड़फोड़ करने की जिद छोड़नी चाहिए और लाखों परिवारों को राहत देने के लिए इन्हें पक्का करने की दिशा में काम करना चाहिए।
