ये कैसी होली? रंगों और ढोल-नगाड़ों के साथ जिंदा व्यक्ति की शव यात्रा निकाली जाती है यहां

Bizarre Holi Ritual: कई तरह की होली आपने देखी और सुनी होगी। लेकिन देश में एक जगह ऐसी भी है, जहां पर जिंदा व्यक्ति की शव यात्रा निकालकर होली के रंग उड़ाए जाते हैं और खूब हंसी-ठिठोली की जाती है। बाद में अर्थी का अंतिम संस्कार भी किया जाता है, जानिए अर्थी पर लेटे जिंदा व्यक्ति का क्या होता है?

Bizarre Holi Ritual: आप कहीं से गुजर रहे हों और अचानक शवयात्रा दिख जाए तो ठिठक जाते होंगे। ऐसा सिर्फ आपके साथ नहीं होता, बल्कि सभी के साथ ऐसा होता है। खासतौर पर त्योहार के समय शव यात्रा दिख जाए तो त्योहार का मूड ही खराब हो जाता है। लेकिन हमारे देश में ऐसी जगहें भी हैं, जहां जिंदा व्यक्ति की शव यात्रा निकाली जाती है। शव यात्रा भी ऐसी वैसी नहीं, बल्कि उसमें खूब ढोल-नगाड़े के साथ अबीर-गुलाल भी उड़ाया जाता है। बड़ी बात ये है कि जिंदा व्यक्ति की शव यात्रा की यह परंपरा लगभग 400 साल पुरानी है और इसका संबंध होली से है।

Ila Ji Ka Dolka.

जिंदा व्यक्ति की शव यात्रा

कहां निकलती है जिंदा व्यक्ति की शव यात्रा

यह अनोखी परंपरा राजस्थान के भीलवाड़ा की है। यहां पिछले लगभग 400 सालों से इस परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है। परंपरा के तहत एक जीवित व्यक्ति को अर्थी पर लिटाया जाता है और फिर गाजे-बाजे के साथ रंग-गुलाल उड़ाते हुए पूरे शहर में उसकी शवयात्रा निकाली जाती है। यही नहीं एक निश्चित जगह पर जाकर उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया जाता है।

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