बिहार में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। दिल्ली से पटना पहुंचे बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने साफ कहा कि बिहार में ऐसी कोई भर्ती परीक्षा नहीं बची है, जिसका पेपर लीक न हुआ हो।
पटना में तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरा (फाइल फोटो)
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि राज्य के युवाओं को निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया का फायदा नहीं मिल पा रहा है। हर परीक्षा में धांधली की खबरें आती हैं और जब छात्र अपने हक के लिए आवाज उठाते हैं, तो उन पर लाठियां और गोलियां बरसाई जाती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों पर गोली चलाने का आदेश देने वाले बड़े अधिकारियों पर अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई? सिर्फ एक छोटे सिपाही पर गाज गिराकर बड़े अफसरों को बचाया जा रहा है।
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तेजस्वी यादव ने 19 अगस्त को विशाल 'राजभवन मार्च' का किया ऐलान
इसी के विरोध में तेजस्वी यादव ने 19 अगस्त को विशाल 'राजभवन मार्च' का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि इस मार्च में शिक्षक, अभ्यर्थी, कोचिंग संस्थानों के छात्र और राज्य के पीड़ित युवा बड़ी संख्या में शामिल होंगे। वे सब मिलकर राज्यपाल को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे।
'किसानों-युवाओं को नक्सली कहना देश के सर्वोच्च पद की गरिमा के खिलाफ'
इसके साथ ही तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'दिमागी नक्सली' वाले बयान पर भी कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों की मांग करने वाले किसानों और युवाओं को नक्सली या आतंकवादी कहना देश के सर्वोच्च पद की गरिमा के खिलाफ है। नीट (NEET) पेपर लीक का जिक्र करते हुए उन्होंने पूछा कि सरकार यह गारंटी कब देगी कि भविष्य में कभी पेपर लीक नहीं होगा?
