Patna Flood News: बिहार में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच शनिवार सुबह पटना के गांधी घाट पर गंगा नदी का जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़ गया और नदी ’उच्चतम बाढ़ स्तर’ से एक सेंटीमीटर ऊपर बह रही है जिससे निचले इलाकों के डूबने का खतरा है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। गंगा पहले से ही नेपाल के पानी से उफान पर थी अब और उसका जलस्तर बढ़ते जा रहा है।
बिहार में बाढ़ (फोटो- PTI)
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गंगा के जलस्तर में रिकॉर्ड वृद्धि
जल संसाधन विभाग की ओर से जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, ’’पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर पिछले चार घंटों में 10 सेंटीमीटर बढ़कर शनिवार सुबह 10 बजे 50.53 सेंटीमीटर पर पहुंच गया, जो उच्चतम बाढ़ स्तर से एक सेंटीमीटर अधिक है।’’ बुलेटिन में कहा गया, ’’गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर रविवार सुबह आठ बजे तक और बढ़कर 50.62 सेंटीमीटर तक पहुंच सकता है। लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।’’
पटना में गांधी घाट पर अभी तक गंगा का सबसे अधिक जलस्तर 50.52 सेंटीमीटर 21 अगस्त 2016 को पहुंचा था। आज गंगा का जलस्तर उस रिकॉर्ड को भी तोड़ चुका है। दिन के 12:00 तक गंगा का हाईएस्ट वाटर लेवल 50.56 सेंटीमीटर पहुंच चुका है जो अभी तक पटना में गंगा का जलस्तर सबसे ऊंचा स्तर है।
कई नदियां खतरे के निशान के ऊपर
राज्य में भारी बारिश और पड़ोसी देश नेपाल में हुई बारिश के कारण गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, बागमती, पुनपुन और घाघरा नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इसके कारण बिहार के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं।
शुक्रवार को पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, भोजपुर, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा, सहरसा और कटिहार के कई निचले क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति देखी गई। पटना में गंगा नदी दीघा घाट, गांधीघाट, हथीदह और मनेर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इसके अलावा बक्सर, मुंगेर, भागलपुर, कहलगांव और अन्य स्थानों पर भी गंगा खतरे के निशान से ऊपर है। इसी प्रकार पटना के श्रीपालपुर और पुनपुन क्षेत्र में पुनपुन नदी तथा सिवान के दरौली में घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
गंगा किनारे स्थित पटना, भोजपुर, वैशाली, लखीसराय और भागलपुर समेत कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति है। उन्होंने कहा कि गंगा और कोसी के बढ़ते जलस्तर से निचले इलाकों में रहने वाले लोग प्रभावित हुए हैं। अधिकारी ने बताया कि सभी संबंधित अधिकारियों को तटबंधों और संवेदनशील स्थलों पर कड़ी निगरानी रखने तथा किसी भी असामान्य स्थिति की तत्काल सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को देने का निर्देश दिया गया है।
