बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले; उद्योग से लेकर शिक्षा और परिवहन तक विकास को मिली नई रफ्तार

बिहार सरकार ने राज्य के विकास को रफ्तार देने के लिए कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई है, जिनमें उद्योग, परिवहन और बुनियादी ढांचे से जुड़े बड़े कदम शामिल हैं। कैबिनेट ने शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सुधारों को मजबूत करने के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रशिक्षण और नई संस्थाओं की स्थापना को भी मंजूरी दी है।

Bihar Cabinet Decisions: बिहार सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज की अवधि जून 2026 तक बढ़ा दी है। इसके साथ ही नगर पालिका चुनावों में इस्तेमाल किए जाने वाले वोटिंग सिस्टम के लिए सी-डैक हैदराबाद एजेंसी को नियुक्त करने की मंजूरी भी दे दी गई है। इसके अलावा, शाहपुर प्रखंड में गंगा नदी के किनारे स्थित गंगापुर, भूसौलानंदपुर और दामोदरपुर क्षेत्रों को कटाव से बचाने के लिए करीब 52 करोड़ रुपये की परियोजना को स्वीकृति मिली है। वहीं, राज्य के प्रमुख शहरों मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, दरभंगा और पूर्णिया में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए 400 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को भी हरी झंडी दे दी गई है।

Bihar Cabinet Approves Major Development Decisions

सम्राट कैबिनेट के बड़े फैसले

मां सीता चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, सीतामढ़ी

कैबिनेट ने सप्तम राज्य वित्त आयोग के कार्यकाल को बढ़ाते हुए अब इसे 30 सितंबर 2026 तक जारी रखने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही सरकार ने सीतामढ़ी स्थित राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का नाम बदलकर “मां सीता चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, सीतामढ़ी” करने की मंजूरी दे दी है। वहीं, राज्य में आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विश्व बैंक से 500 मिलियन डॉलर का ऋण लेने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

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