Ujjain News: भारत में 12 ज्योतिर्लिंग है, जिसमें एक ज्योतिर्लिंग उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर है। हर साल लाखों की संख्या में महाकाल के दर्शन करने लोग उज्जैन आते हैं। महाकाल कॉरिडोर बनने के बाद यहां भक्तों की संख्या में इजाफा हुआ है। भक्तों की संख्या के साथ दान में भी बढ़ोतरी देखी गई है। जानकारी के लिए बता दें कि वर्ष 2024 की शुरुआत के 41 दिनों में ही 1 करोड़ 20 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। उसके बाद से लगातार महाकाल के दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और महाकाल में धन की वर्षा हो रही है। क्योंकि 11 महीने 13 दिन में रिकॉर्ड तोड़ दान किया गया है जो एक अरब रुपये से अधिक का है।
महाकाल के भक्तों ने किया रिकॉर्ड तोड़ दान
हर दिन पहुंचे हैं दो लाख से अधिक श्रद्धालु
उज्जैन के महाकाल मंदिर में भगवान के दर्शन करने के लिए हर दिन डेढ़ से 2 लाख श्रद्धालु पहुंचते हैं। पर्व के दौरान यह संख्या बढ़कर 5 से 8 लाख हो जाती है। ऐसे में सभी लोग यहां अच्छी दान-दक्षिणा और सोना चांदी भी चढ़ाते हैं। हर साल मंदिर में दान की रकम बढ़ती ही जा रही है। पिछले साथ की तुलना में इस साल रिकॉर्ड तोड़ दान आया है।
महाकाल मंदिर को मिला रिकॉर्ड तोड़ दान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 11 महीने और 13 दिन में महाकाल को महाकाल को 1 अरब 69 करोड़ रुपये से अधिक का दान मिला है। के मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 2023-2024 महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं ने 144 करोड़ रुपये से अधिक का दान मिला था। साल दर साल यहां आने वाले भक्तों की संख्या के साथ दान में भी भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है। करोड़ों से बढ़कर दान की राशि अब अरबों रुपये हो गई है।
नकद तो नकद, श्रद्धालु अपने भगवान को सोने-चांदी के आभूषण भी चढ़ाते हैं। इस बार 1533 ग्राम सोना के साथ 399 किलो चांदी चढ़ाया गया है। साथ ही 63 करोड़ 50 लाख से अधिक लड्डू प्रसादी से आय और 64 किलो आभूषण दान पेटी से प्राप्त हुए हैं। लेकिन बता दें कि महाकाल गर्भगृह में श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद होने से आय पर असर पड़ा है। हालांकि फिर भी महाकाल को इस बार अरबों का दान दिया गया है।
