धार्मिक नेता कंप्यूटर बाबा ने गोरक्षा के मुद्दे को लेकर मध्यप्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए मंगलवार को दावा किया कि राज्य में गायों की स्थिति कुत्तों से भी बदतर हो गई है।उन्होंने इंदौर में संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि यह स्थिति बड़ी विडम्बनापूर्ण है कि राज्य में 'गो माता' की स्थिति कुत्तों से भी बदतर हो गई है।
धार्मिक नेता कंप्यूटर बाबा (फाइल फोटो:canva)
उन्होंने आरोप लगाया कि सूबे में सरकारी अनदेखी के कारण गायें सड़कों पर तड़प-तड़प कर मरने को मजबूर है। धार्मिक नेता ने राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव से अनुरोध किया कि उन्हें गोरक्षा के मुद्दे पर संतों के प्रतिनिधिमंडल को चर्चा का समय देना चाहिए। कंप्यूटर बाबा ने बताया कि संत समुदाय अपने तय कार्यक्रम के मुताबिक सात अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक 'गो माता न्याय यात्रा' निकालेगा और हजारों गायों के साथ नर्मदापुरम से भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच करेगा।
वैष्णव संप्रदाय (अपने इष्ट देव के रूप में भगवान विष्णु को पूजने वाले हिंदू मतावलम्बी) से ताल्लुक रखने वाले कंप्यूटर बाबा का असली नाम नामदेव दास त्यागी है।उन्हें प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस की पिछली सरकारों ने अलग-अलग निकायों में शामिल करते हुए राज्य मंत्री के दर्जे से नवाजा था।
ये निकाय नर्मदा, क्षिप्रा और मन्दाकिनी सरीखी नदियों की हिफाजत के साथ ही जल संरक्षण तथा स्वच्छता के विषयों पर जन जागरुकता फैलाने के लिए गठित किए गए थे।पुलिस और प्रशासन के दल ने इंदौर शहर से सटे जम्बूर्डी हप्सी गांव में सरकारी जमीन पर बने कंप्यूटर बाबा के आश्रम को अवैध बताकर आठ नवंबर 2020 को जमींदोज कर दिया था। इसके साथ ही, उन्हें गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के एक आदेश के बाद कंप्यूटर बाबा को 19 नवंबर 2020 को जेल से रिहा किया गया था।
