MP Rail Coach Manufacturing: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से प्रदेश को रेल कोच निर्माण इकाई की बड़ी सौगात मिलने जा रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का भूमि-पूजन केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 10 अगस्त को औबेदुल्लागंज के दशहरा मैदान में करेंगे। इस कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, रक्षा उत्पाद सचिव संजीव कुमार, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार और भारत अर्थ मूवर्स परियोजना के अध्यक्ष शांतनु राय भी मौजूद रहेंगे।
सीएम मोहन यादव (फाइल फोटो: ANI)
इस मौके पर बीईएमएल (भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड) परियोजना पर आधारित लघु फिल्म, प्रस्तावित संयंत्र का 3डी वॉक थ्रू तथा नए संयंत्रों के मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत अर्थ मूवर्स परियोजना के तहत भोपाल जिले की सीमा के पास रायसेन के ग्राम उमरिया में 60 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर 1800 करोड़ रुपये की लागत से ब्रह्मा परियोजना (बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग) विकसित की जा रही है। इस परियोजना से राजधानी भोपाल के साथ-साथ रायसेन, सीहोर और विदिशा जिलों को व्यापक लाभ मिलेगा। यहाँ के तकनीकी संस्थानों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इस परियोजना से 5000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
मेक इन इंडिया मिशन का उदाहरण
भोपाल, जो मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है, इस परियोजना से विशेष लाभान्वित होगा। यह योजना प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चल रहे ‘मेक इन इंडिया’ मिशन का सशक्त उदाहरण है। यहां बनने वाले वंदे भारत, अमृत भारत और मेट्रो ट्रेनों के कोच भारतीय रेल व्यवस्था के नए युग की शुरुआत करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना न केवल राजधानी क्षेत्र, बल्कि पूरे प्रदेश के विकास को गति देने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में अहम भूमिका निभाएगी। साथ ही, इससे नजदीकी औद्योगिक क्षेत्र मंडीदीप को भी लाभ मिलेगा।
विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम
मुख्यमंत्री ने रेल कोच फैक्ट्री को प्रदेश के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में यह परियोजना औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखेगी। उन्होंने बताया कि भारत के अन्य राज्यों के निवेशकों को भी इस परियोजना में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। कुछ माह पूर्व बैंगलोर में बीईएमएल संस्थान के भ्रमण के दौरान रायसेन जिले में रेल कोच फैक्ट्री की स्थापना का निर्णय लिया गया था।
हरित फैक्ट्री मानकों के अनुरूप विकसित
‘ब्राह्मा’ संयंत्र पूरी तरह ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के उद्देश्य के अनुरूप काम करेगा। इस संयंत्र में इस्तेमाल होने वाली अधिकांश तकनीक और सामग्री देश में ही विकसित और निर्मित की जाएगी, जिससे विदेशी निर्भरता कम होगी। यह परियोजना प्रदेश को रक्षा निर्माण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाएगी। संयंत्र के निर्माण में पर्यावरणीय मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा, जिसमें शून्य तरल अपशिष्ट प्रणाली, सौर एवं नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग, वर्षा जल संचयन और हरित लैंडस्केपिंग शामिल हैं। निर्माण में पुनर्नवीनीकृत और टिकाऊ सामग्री का उपयोग कर इसे हरित फैक्ट्री मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।
इतनी होगी प्रारंभिक उत्पादन क्षमता
परियोजना की प्रारंभिक उत्पादन क्षमता सालाना 125 से 200 कोच होगी, जिसे अगले पांच वर्षों में बढ़ाकर 1,100 कोच प्रतिवर्ष किया जाएगा। इस इकाई के संचालन से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जिससे प्रदेश के युवाओं को अपने ही राज्य में उच्च स्तरीय औद्योगिक रोजगार के अवसर मिलेंगे। साथ ही, विकसित तकनीकी क्षमताएं प्रदेश को हाई-स्पीड रेल और मेट्रो निर्माण के वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाएंगी।
