Mahakal Darshan Process: मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन में होने वाले कुंभ मेले की तैयारियों के मद्देनजर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सीएम ने कहा है कि, 2028 के सिंहस्थ (कुंभ) मेले से पहले उज्जैन में विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा। सीएम मोहन यादव ने कहा है कि, अब महाकाल ज्योतिर्लिंग में दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को तिरुपति बालाजी मंदिर की तर्ज पर टाइम स्लॉट दिए जाएंगे। इस फैसले के पीछे की मंशा ये है कि, 30 मिनट के स्लॉट में सभी भक्त बाबा महाकाल के दर्शन कर बाहर आ सकें।
महाकाल ज्योतिर्लिंग। (सांकेतिक फोटो)
विकास कार्यों को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि, पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने जिन भी विकास कार्यों को स्वीकृति दी थी उन सभी को तेजी के साथ पूरा कराया जाएगा। पिछली सरकार के किसी भी विकास कार्य को रोका नहीं जाएगा। इसके साथ-साथ उज्जैन में विकास कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे कराए जाएंगे..जिससे कि 2028 में कुंभ मेले का आयोजन और भी भव्य और दिव्य तरीके से हो सके। हालांकि कुंभ मेले की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और इसके लिए योजनाएं तैयार की जा रही हैं। सीएम ने कहा कि, सार्वजनिक सुविधाओं और संपर्क सड़कों में सुधार कराया जाएगा और मैं ये सुनिश्चित करूंगा कि राज्य के सभी मंडलों में विकास कार्य जल्द पूरे हों।
महाकाल के दर्शन करने के लिए स्लॉट
सीएम ने बताया कि, महाकालेश्वर मंदिर में महाकाल लोक के उद्घाटन के बाद से तीर्थस्थान में आने वाले भक्तों की संख्या में इजाफा हुआ है। 900 मीटर लंबे गलियारे का उद्घाटन अक्टूबर 2022 में हुआ था, हालांकि आज यहां लाखों की तादात में भक्त पहुंच रहे हैं। इसलिए मंदिर में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए भक्तों को टाइम स्लॉट मिलेगा जिसमें उन्हें दर्शन करने होंगे। वहीं, मंदिर में भीड़ प्रबंधन के भी उपाय किए जाएंगे और ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी ताकि भक्तों को पूजा करने के लिए कम दूरी तय करनी पड़े।
