Satyendra Yadav Organ Donor: जबलपुर के 31 वर्षीय सत्येंद्र यादव की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद उनके परिजनों ने साहसिक निर्णय लेते हुए अंगदान का फैसला लिया। इस निर्णय से चार लोगों को नया जीवन मिलने का रास्ता खुला। सत्येंद्र का लिवर ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से भोपाल के सिद्धांत सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल भेजा गया, जबकि उनका दिल अहमदाबाद के CIMMS अस्पताल में भर्ती एक मरीज को ट्रांसप्लांट किया जाएगा।
अंगदान के जरिए व्यक्ति बना जीवनदाता (सांकेतिक फोटो: Canva)
इसके लिए जबलपुर में दो ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए, पहला, एयरपोर्ट से नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज तक विशेषज्ञों को लाने के लिए, और दूसरा मेडिकल कॉलेज से एयरपोर्ट तक अंगों को पहुंचाने के लिए। जानकारी के मुताबिक, मृतक की दोनों किडनियों को स्थानीय जरूरतमंद मरीजों को ट्रांसप्लांट करने की योजना है। सत्येंद्र यादव, जो जबलपुर की एक गैस कंपनी में सुपरवाइजर के रूप में कार्यरत थे, 4 अगस्त को सूपाताल के पास एक सड़क दुर्घटना का शिकार हुए थे। उनकी यह अंतिम भेंट अब चार जिंदगियों के लिए वरदान बन गई है।
