Indore News: मध्य प्रदेश का इंदौर नगर निगम ने एक बड़ा फैसला किया है। इस फैसले को लेकर जमकर चर्चा हो रही है। दरअसल इंदौर नगर निगम ने फैसला किया है कि वो इंडिया के बजाय भारत नाम का इस्तेमाल करेगा। इसके लिए आए प्रस्ताव को मंजूरी भी दे गई है।
इंदौर नगर निगम में इंडिया' के बजाय भारत का होगा इस्तेमाल (फाइल फोटो- SwachhIndore)
प्रस्ताव हुआ पास
पीटीआई के अनुसार देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के नगर निगम की महापौर परिषद ने इस निकाय के आधिकारिक कार्यक्रमों और पत्राचार में देश के नाम के रूप में ‘इंडिया’ के स्थान पर ‘भारत’ के इस्तेमाल के प्रस्ताव को शुक्रवार को मंजूरी दी। अधिकारियों ने बताया कि शहर के प्रथम नागरिक पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में आयोजित महापौर परिषद की बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि अब इंदौर नगर निगम के आधिकारिक कार्यक्रमों और पत्राचार में देश के नाम के रूप में ‘इंडिया’ के स्थान पर ‘भारत’ का इस्तेमाल किया जाएगा।
आगे अब क्या
उन्होंने बताया कि इस आशय के प्रस्ताव को इंदौर नगर निगम की अगले महीने संभावित परिषद बैठक में भी मंजूरी के लिए रखा जाएगा। इस बैठक में शहर के सभी 85 पार्षद हिस्सा लेंगे। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने पीटीआई से कहा-"इंडिया के रूप में देश का नामकरण अंग्रेजों की देन है, जबकि भारत के संबोधन से देश की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का बोध होता है। संविधान के अनुसार भी हमारे देश का नाम भारत ही है।"
विपक्ष का पलटवार
इंदौर नगर निगम पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का कब्जा है। वहीं निगम में प्रतिपक्ष के नेता चिंटू चौकसे ने कहा-"देश को भारत और इंडिया, दोनों नामों से जाना जाता है लेकिन जब से विपक्षी दलों ने इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (इंडिया) नाम का गठबंधन बनाया है, तब से भाजपा देश के नाम को लेकर विभाजनकारी राजनीति पर उतर आई है ताकि महंगाई और बेरोजगारी जैसे बुनियादी मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाया जा सके। अगर भाजपा को देश के नाम के रूप में ‘इंडिया’ शब्द से आपत्ति है, तो उसने वर्ष 2004 के लोकसभा चुनावों में ‘इंडिया शाइनिंग’ का नारा क्यों दिया था?"
