10 हजार रुपए की मासिक सैलरी पाने वाले रसोई हेल्पर को 46 करोड़ का आयकर नोटिस; न्याय के लिए हाईकोर्ट में लगाई गुहार

ग्वालियर के रहने वाले रसोई हेल्पर रविंद्र भिंड को आयकर विभाग ने 46 करोड़ रुपए का नोटिस भेजा है, जबकि उनकी मासिक सैलरी केवल 10 हजार रुपए है। जांच में पता चला कि उनके नाम से फर्जी PF अकाउंट खुलवाया गया था, जिससे यह बड़ा ट्रांजेक्शन हुआ। अब रविंद्र ने न्याय के लिए हाईकोर्ट में गुहार लगाई है।

Gwalior Cook Income Tax Notice: ग्वालियर में एक रसोई में काम करने वाले हेल्पर को आयकर विभार ने 46 करोड़ रुपए का नोटिस दिया है। नोटिस मिलने के बाद कुक की हालत खराब है, वो कहता है कि उसकी सैलरी तो 10 हजार रुपए महीना है लेकिन उसके साथ पीएफ अकाउंट खुलवाने के नाम पर फर्जीवाड़ा हुआ था। जब उसकी फरियाद किसी ने नही सुनीं तो उसने हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में गुहार लगाई है। रविंद्र भिंड के रहने वाले है। इनके एकाउंट से 46 करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ है। यह बात आयकर विभाग के दिए गए नोटिस के बाद सामने आई है। दरअसल रोजी-रोटी की तलाश में पुणे पहुंचा रविंद्र सिंह चौहान एक निजी कंपनी में काम करने लगा।

Gwalior cook sent rs 46 crore income tax notice

ग्वालियर के रसोइये को 46 करोड़ रुपये का आयकर नोटिस

सैलरी तो है 8-10 हजार रुपए

9 अप्रैल 2025 को घर पर एक कागज आया, जो अंग्रेजी में था। घर पर पत्नी और बच्चे थे। रविंद्र ने कहा कि न मैं ज्यादा पढ़ा-लिखा हूं न पत्नी। हमारे समझ में तो कुछ आया नहीं, इसलिए हम बात को भूल गए। 25 जुलाई को फिर से उसी प्रकार का कागज आया। परिवार ने फोन पर इसकी जानकारी दी। मुझे लगा, आखिर यह क्या है, और बार-बार क्यों आ रहा है। एक बार घर जाकर पता करता हूं। मैं पुणे से वापस घर लौट आया। मोहल्ले में ही रहने वाले परिचित वकील प्रद्युम्न सिंह भदौरिया के पास पहुंचा। उन्हें कागज दिखाया, इस पर उन्होंने बताया कि यह आयकर का नोटिस है। यह सुनते ही मेरे हाथ-पैर फूल गए। उसका कहना है कि मैं ढाबे में काम करता हूं, मेरे अकाउंट में साल के तीन लाख रुपए का भी लेन-देन नहीं हुआ, ऐसे में करोड़ों रुपए का नोटिस कैसे आ गया। जबकि मेरी सैलरी तो 8-10 हजार रुपए की है।

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