Chhindwara Cough Syrup: मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में कोल्ड्रिप कफ सिरप मामले में अस्पताल में भर्ती बच्चों में से 2 को डिस्चार्ज कर दिया गया है। दोनों बच्चे ठीक होकर घर लौट गए हैं। हालांकि चार बच्चे अभी भी वेंटिलेटर पर हैं और दो अन्य बच्चों की भी तबीयत खतरे से बाहर बताई जा रही है। छिंदवाड़ा के परसिया में इस कफ सिरप को पीने से बीमार 14 बच्चे बीमार हुए थे। जिनको नागपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिनमें से 6 बच्चों की अब तक मौत हो चुकी है। अस्पताल में भर्ती 6 बच्चों का इलाज जारी है।
छिंदवाड़ा कफ सिरप मामले में 2 बच्चे डिस्चार्ज (सांकेतिक फोटो|istock)
कफ सिरप पीने के बाद बिगड़ी तबीयत
नागपुर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के अनुसार एमपी के परासिया गांव में बच्चों को पिछले 15 से 20 दिनों के बीच यह कोल्ड्रिफ कफ सिरप दिया गया था। जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी। प्राथमिक जांच में कफ सिरप को ही बच्चों की तबीयत बिगड़ने का संभावित कारण माना जा रहा है। इस घटना के बाद नागपुर नगर निगम ने सभी डॉक्टरों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिसमें पांच साल से कम उम्र के बच्चों को किसी भी तरह का कफ सिरप न देने की सलाह दी गई है।
सरकारी अस्पतालों को कफ सिरफ न लिखने का निर्देश
नागपुर के स्वास्थ्य विभाग ने सभी छह जिलों के सरकारी अस्पतालों को इस सिरप को न लिखने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल घटना की जांच जारी है और अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों के पीछे की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी। मध्य प्रदेश सरकार ने कोल्ड्रिप कफ सिरप को प्रदेशभऱ में प्रतिबंधित भी कर दिया है।
