Bhopal News: मध्य प्रदेश से राजस्थान का सफर आसान करने के लिए रामगंजमंडी रेल मार्ग के निर्माण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस रेलमार्ग के तैयार होने के बाद 5 जिलों को इसका सीधा लाभ होगा। इसमें मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल, सीहोर, राजगढ़ और राजस्थान का कोटा और झालावाड़ जिला शामिल हैं। रामगंजमंडी रेल मार्ग का निर्माण भोपाल से कोटा तक का सफर आसान बना देगा। इस रेल मार्ग से भोपाल से कोटा तक यात्रा का सीधा रास्ता खुलेगा। आसान और सस्ते सफर के साथ समय में भी बचत होगी। जानकारी के अनुसार, इस रेल मार्ग का कार्य साल के अंत तक पूरा करने की तैयारी की जा रही है। कार्य पूरा करने के बाद 2025 में रामगंजमंडी रेल लाइन का संचालन शुरू किया जाएगा।
एमपी से राजस्थान का सफर होगा आसान
झरखेड़ा तक पूरा हुआ 80 प्रतिशत काम
2025 में रेल लाइन के संचालन को शुरू करने के लिए रामगंजमंडी रेल मार्ग का कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। 276 किमी लंबे रेल मार्ग में अभी तक केवल 114 किमी का काम पूरा हो पाया है। संत हिरदाराम से श्यामपुर और कुरावर तक 46.5 किमी रेल मार्ग का कार्य तेजी से किया जा रहा है। अभी कुरावर से ब्यावरा और राजगढ़ के बीच 76 किमी तक कार्य होना है। मिली जानकारी के अनुसार, झरखेड़ा तक करीब 80 प्रतिशत का कार्य पूरा हो चुका है। बचा हुआ कार्य भी 2024 के अंत तक पूरा करने का प्रयास है। इस बीच संत हिरदाराम से बन रही तीसरी लाइन से ट्रेनों को गति मिलेगी। इससे यात्रा का समय भी बचेगा।
मालगाड़ी का भी होगा संचालन
भोपाल-राजगंडमंडरी रेल मार्ग के निर्माण से न केवल यात्रा करने वाले लोगों को लाभ होगा। बल्कि इससे व्यापार में भी लाभ होगा। क्योंकि इस रेल मार्ग पर यात्री ट्रेनों के साथ मालगाड़ियों का भी संचालन हो सकता है।
भोपाल-रामगंजमंडी रेल लाइन
भोपाल से कोटा के बीच रामगंजमंडी रेल लाइन 276 किमी लंबी है। इसमें 167 एमएम ब्रॉड गेज लाइन है। इस रेल मार्ग पर ट्रेन 110 किमी की अधिकतम स्पीड पर चल सकेगी। रेल लाइन में 4 मेन ब्रिज, 2 रेलवे ओवर ब्रिज और 2 टनल होगी। इसे 25 केवी एसी से पूरी तरह इलेक्ट्रिफाइड किया गया है।
