Bhopal Railway Update : राजधानी भोपाल के लोगों के लिए ये एक अच्छी खबर है। अब जल्द ही भोपाल को जबलपुर और कोटा को जोड़ने वाले सेक्शन में 110 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ेंगी। इससे जहां लोगों को अपने गंतव्य तक जल्द पहुंचने में मदद मिलेगी। वहीं पॉवर हाउस तक जल्द कोयला पहुंचाने में भी रेलवे को मदद मिलेगी।
भोपाल - जबलपुर ट्रेक पर बढ़ेगी ट्रेनों की स्पीड, जानें कैसे
दरअसल, केंद्रीय वृत्त, रेलवे सुरक्षा आयुक्त मुंबई मनोज अरोड़ा ने भोपाल मंडल के बीना-गुना रेल सेक्शन पर कंजिया - पिपरईगांव स्टेशन के बीच 26.337 किमी रेलवे ट्रेक के दोहरीकरण कार्य निरीक्षण करने आए। उन्होंने इस रेल सेक्शन पर सेफ्टी और सिक्युरिटी से जुड़े संसाधनों, ओएचई लाइन, उपकरणों तथा सिग्नलिंग आदि का इंसपेक्शन कर इनकी वर्क केपेसिटी की जांच की। इस दौरान भोपाल डीआरएम सौरभ बंदोपाध्याय समेत रेलवे के कई आला अधिकारी मौजूद रहे।
रेलवे ट्रेक पर 131 की स्पीड से दौड़ा इंजन
सीआरएस के निरीक्षण के दौरान कंजिया से गांव पिपरई के बीच डबल की गई रेलवे लाइन पर इलेक्ट्रिक इंजन से 131 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से ट्रायल किया गया। इसके बाद सभी तथ्यों की कार्य गुणवत्ता व स्पीड ट्रायल से संतुष्ट होकर सीआरएस ने इस सेक्शन पर 110 किमी प्रति घंटे की स्पीड से ट्रेनें चलाने की मंजूरी दे दी। इस रेल खंड में एक महत्वपूर्ण पुल, दो बड़े पुल, 14 छोटे पुल, 4 रेलवे अंडरब्रिज, 3 लेवल क्रॉसिंग, 3 एफओबी और एक पार्क का निर्माण किया गया है। बता दें कि, बीना-कोटा दोहरीकरण परियोजना के तहत बीना-गुना सेक्शन का काम पूरा हो गया है। शेष रेल खंड का निर्माण कार्य अब तेजी से पूरा किया जाएगा।
समय बचेगा सफर होगा आसान
रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक भोपाल से जबलपुर व कोटा रेल मार्ग के दोहरीकरण के बाद अब सीआरएस से ट्रेनों की गति बढ़ाने को मंजूरी मिलने के बाद इस रेल खंड पर सफर में लगने वाले समय में काफी हद तक कमी आएगी। जिसके चलते भोपाल से कोटा के सफर में लगने वाला करीब 6 घंटे का समय घट कर महज 4 घंटे रह जाएगा। जिसके चलते पैसेंजर्स को सफर में आसानी होगी। इसी प्रकार भोपाल से जबलपुर के सफर का भी समय घटेगा। इसके अलावा इस रूट पर परमाणु बिजली घरों में कोयला पहुंचाने में भी रेलवे को आसानी भी होगी।
