Bhopal News: भोपाल से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां एक निजी अस्पताल पर नवजात के लिंग को लेकर गंभीर लापरवाही का आरोप लगा है। गांधी मेडिकल कॉलेज के पीजी रेजिडेंट डॉक्टर तरुण मिश्रा का आरोप है कि उनकी पत्नी ने एक बच्ची को जन्म दिया, लेकिन डिस्चार्ज पेपर में उसका लिंग मेल यानी लड़का लिखा गया। उन्होंने इस मामले में लिखित शिकायत दर्ज कर जांच और कार्रवाई की मांग की ै।
ये है पूरा मामला
गांधी मेडिकल कॉलेज के पीजी रेजिडेंट डॉ. तरुण मिश्रा ने सीएमएचओ को शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उनकी पत्नी अवनी शर्मा मिश्रा की डिलीवरी विजया मैटरनिटी एंड नर्सिंग होम में 1 जुलाई को हुई थी। उन्होंने एक बच्ची को जन्म दिया था। तरुण ने बताया कि जन्म के तुरंत बाद अस्पताल के स्टाफ ने बच्चे के लिंग की जानकारी नहीं दी, लेकिन बाद में लड़की पैदा हुई है। लेकिन 3 जुलाई को डिस्चार्ज पेपर में शिशु का लिंग “मेल” यानी लड़का दर्ज किया गया, जबकि परिवार को लड़की सौंपी गई थी।
डिस्चार्ज पेपर में वजन में भी बदलाव
डॉ. मिश्रा ने बताया कि नवजात का वजन भी 3.1 किलोग्राम था। लेकिन डॉक्यूमेंट उसका वजन 3.74 किलोग्राम लिखा गया। उन्होंने इसे मेडिकल एथिक्स और कानून का उल्लंघन बताया और कहा कि इससे माता-पिता के मानसिक तनाव भी पड़ता है। डॉ. मिश्रा ने इस मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।
अस्पातल ने क्या कहा?
इस मामले पर अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि यह एक गलती थी, जो स्टाफ ने की थी। जिसे तुरंत ठीक कर दिया गया था। डॉ. मिश्रा की पत्नी अवनी शर्मा की डिलीवरी कराने वाली डॉ. श्रद्धा वर्मा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि सभी दस्तावेज 3 जुलाई को ही सही स्थिति में परिजनों को दे दिए गए थे। मामले की जांच जारी है।
