पन्ना जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र की नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को बाल कल्याण समिति ने आरोपी पक्ष को सौंप दिया। इसके बाद आरोपियों द्वारा छतरपुर के जुझारनगर थानाक्षेत्र में पुनः दोबारा उसके साथ दुष्कर्म किया। मामला सामने आने पर जुझारनगर पुलिस ने पहले पीड़िता की रिपोर्ट पर बलात्कार और पॉक्सो एक्ट में FIR दर्ज की ।
इसके बाद विवेचना के दौरान बाल कल्याण समिति के पांच सदस्य, वन स्टॉप सेंटर के तीन कर्मचारी और जिला महिला बाल विकास अधिकारी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पीड़ित नाबालिक लड़की फरवरी और मार्च में वन स्टॉप सेंटर पन्ना में रही। वह पन्ना जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है। आरोपी बारीगढ़, जिला छतरपुर का है।
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2025 में लड़की को किया बरामद
उसने शादी का झांसा देकर लड़की को गुड़गांव ले जाकर दुष्कर्म किया। लड़की के भाइयों ने सिमरिया थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसी आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया। सिमरिया पुलिस गुड़गांव पहुंची। फरवरी 2025 में लड़की को बरामद किया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
लड़की को बाल कल्याण समिति के आदेश पर वन स्टॉप सेंटर में रखा गया। बाल कल्याण समिति ने लड़की के बयान लिए। परिजन को बुलाया गया, लेकिन कोई नहीं आया। लड़की के माता-पिता नहीं हैं। दो भाई मजदूरी के लिए बाहर रहते हैं। समिति ने लड़की से पूछा कि वह किसके साथ रहना चाहती है।
10 लोगों पर मामला दर्ज
लड़की ने अपनी ताऊ की बेटी के साथ जाने की इच्छा जताई। उसकी ससुराल बारीगढ़ में है। समिति ने बिना जांच के उसे बुलाया और लड़की को सौंप दिया। इसके बाद आरोपी ने फिर से पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया।
इस पूरे मामले को लेकर जुझारनगर ने 10 लोगों पर मामला दर्ज किया है। पन्ना पहुंचकर बाल कल्याण समिति के सदस्य आशीष बोस को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं बाकी सब आरोपी फरार हो गए हैं। पुलिस का कहना है कि 10 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है, बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी होना शेष है
