अयोध्या पहुंचना हुआ आसान, जगदीशपुर फोर-लेन से हुई लखनऊ-वाराणसी तक कनेक्टिविटी बेहतर

अयोध्या-जगदीशपुर NH-330A फोर-लेन बनकर तैयार है। यह 60 किमी लंबा हाईवे अयोध्या को लखनऊ, वाराणसी और प्रयागराज जैसे शहरों से सीधे जोड़ता है, जिससे श्रद्धालुओं और व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है।

Ayodhya Jagdishpur Highway: उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक नया मील का पत्थर स्थापित हुआ है। अयोध्या-जगदीशपुर फोर-लेन (NH-330A) ने न केवल रामनगरी की दूरी कम की है, बल्कि लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और रायबरेली जैसे प्रमुख शहरों के बीच कनेक्टिविटी का एक शानदार जाल बिछा दिया है। 1,530 करोड़ की लागत से तैयार इस 60 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर से पर्यटन और व्यापार को नए पंख मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। अयोध्या-जगदीशपुर फोर-लेन (NH-330A) केवल दो शहरों को नहीं जोड़ता, बल्कि उत्तर प्रदेश के एक बड़े हिस्से की अर्थव्यवस्था और परिवहन व्यवस्था को बदल रहा है। कोविड जैसी वैश्विक महामारी की चुनौतियों के बावजूद, NHAI ने तीन साल से भी कम समय में इसे पूरा कर लिया है।

Ayodhya Jagdishpur Highway NH 330A

लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, रायबरेली से कनेक्टिविटी हुई बेहतर (NHAI)

प्रमुख शहरों से बेहतर कनेक्टिविटी

यह फोर-लेन कॉरिडोर अयोध्या को अमेठी के जगदीशपुर से जोड़ते हुए लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और रायबरेली तक सीधी पहुंच आसान करता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह राजमार्ग अयोध्या-चित्राकूट इंटर-कॉरिडोर का एक अहम हिस्सा है, जिससे दो धार्मिक शहरों के बीच की यात्रा सुगम हो गई है। यह हाईवे सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से भी कनेक्टेड है, जिससे दिल्ली और अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अयोध्या पहुंचना अब बेहद आसान है।

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