Assam Flood: असम में बाढ़ की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। डिजास्टर रिपोर्टिंग एंड इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (DRIMS) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के 6 प्रमुख जिलों में 4.45 लाख से अधिक आबादी बाढ़ की चपेट में है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस आपदा में अब तक किसी मानवीय हताहत की खबर नहीं है, लेकिन बुनियादी ढांचे और कृषि को व्यापक नुकसान पहुंचा है।
6 जिलों में 4.45 लाख से अधिक आबादी प्रभावित
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के आंकड़ों के अनुसार, 21 राजस्व सर्किलों के अंतर्गत आने वाले 631 गांव पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। चराईदेव 1.88 लाख प्रभावित आबादी के साथ सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है, इसके बाद शिवसागर में 1.44 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। प्रभावित जिलों में गोलाघाट, जोरहाट, नगांव और कामरूप (मेट्रोपॉलिटन) भी शामिल हैं।
37 हजार हेक्टेयर फसल डूबी, 26 हजार से ज्यादा मवेशी बहे
बाढ़ के कारण राज्य के कृषि और पशुधन क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचा है। लगभग 37,139.52 हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूब गई है, जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक झटका लगा है। असके अलावा 2.56 लाख से अधिक मवेशी प्रभावित हुए हैं और 26,000 से अधिक जानवर पानी के तेज बहाव में बह गए हैं। नदियों के जलस्तर की बात करें तो नुमालीगढ़ में धनसिरी (दक्षिण) नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हालांकि, अभी तक किसी भी नदी ने अपने उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) को पार नहीं किया है।
184 राहत शिविर स्थापित, NDRF-SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
राज्य प्रशासन ने युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। प्रभावित इलाकों में 184 राहत शिविर और वितरण केंद्र खोले गए हैं, जहां 28,695 लोग शरण लिए हुए हैं। इनमें 97 गर्भवती और धात्री महिलाएं और 42 दिव्यांगजन शामिल हैं। NDRF, SDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने 67 नाव तैनात कर फंसे हुए नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने का काम तेज कर दिया है। प्रभावितों को चावल, दाल और नमक जैसी आवश्यक खाद्य सामग्रियां वितरित की जा रही हैं।
बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान
बाढ़ के पानी से जोरहाट, शिवसागर और चराईदेव में कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। राज्य भर में 171 घर पूरी तरह से नष्ट हो चुके हैं, जबकि 4,667 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा, शिवसागर और जोरहाट में कई प्राथमिक विद्यालय भी पानी में डूब गए हैं। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रदेश अध्यक्ष अहमद अली अय्यूबी ने स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। सरकार और राहत दल मिलकर अब तक हजारों परिवारों तक खाद्य सामग्री पहुंचा चुके हैं।
