Assam Flood: असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। राज्य का धेमाजी जिला इस समय बाढ़ और भारी बारिश की मार से सबसे बुरी तरह प्रभावित है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के मुताबिक, धेमाजी के चार राजस्व सर्किलों के 69 गांवों में लगभग 16,000 लोग बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। इस आपदा के बीच मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार धेमाजी जिले में बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल राहत और दीर्घकालिक पुनर्वास उपलब्ध कराने के लिए अपने सभी संसाधन जुटा रही है।
मिट्टी कटने से गिरा पुल (X/@himantabiswa)
सीएम खुद रख रहे हैं नजर, मंत्रियों को धेमाजी में ही डटे रहने के निर्देश
मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर स्थिति की गंभीरता को साझा करते हुए लिखा कि धेमाजी में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने के बाद से ही मैं लगातार हालात पर बारीकी से नजर रखे हुए हूं। इस आपदा से हमारे लोगों के जीवन पर पड़े असर से हमें गहरा दुख है। इस कठिन समय में हम उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। राज्य सरकार प्रभावित सभी परिवारों की सुरक्षा और दीर्घकालिक पुनर्वास को प्राथमिकता देते हुए सभी संसाधन जुटा रही है। हम बाढ़ के प्रभाव को कम करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।
हालात से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने जल संसाधन मंत्री सुशांत बोरगोहेन और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केशब महंत को निर्देश दिए हैं कि वे धेमाजी में ही डेरा डालें और खुद वहां रहकर पूरे राहत कार्य की निगरानी करें।
भारी कटाव से 61 साल पुराना रेलवे पुल क्षतिग्रस्त, रेल सेवाएं निलंबित
बाढ़ के पानी के तेज बहाव और मिट्टी के भारी कटाव के कारण रेलवे बुनियादी ढांचे को बड़ा नुकसान पहुंचा है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) के प्रवक्ता ने बताया कि आर्चीपाथर और सिमेन चापरी स्टेशनों के बीच किलोमीटर संख्या 408/11-13 पर स्थित एक रेलवे पुल नदी के बढ़े जलस्तर और किनारे बह जाने के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। इस वजह से इस रूट पर रेल परिचालन अगली सूचना तक स्थगित कर दिया गया है।
रेलवे के अनुसार, इस पुल का निर्माण साल 1965 में किया गया था और बाद में इसे ब्रॉड गेज में बदला गया था। भारी बारिश से नदी का किनारा बह जाने के कारण पुल का एक पिलर अस्थिर हो गया है। हालांकि, नदी के उफान को देखते हुए रेल यातायात पहले ही रोक दिया गया था, इसलिए किसी भी ट्रेन को नुकसान नहीं पहुंचा है और न ही कोई व्यक्ति घायल हुआ है।
यात्रियों के लिए बसों का इंतजाम और हेल्प डेस्क शुरू
रेलवे ने बताया कि तिनसुकिया डिवीजन के तहत मुरकोंगसेलेक और सिलापाथर के बीच ट्रेनों की आवाजाही अगले आदेश तक निलंबित रहेगी। इस रूट की ट्रेनों को सिलापाथर स्टेशन पर ही शॉर्ट-टर्मिनेट (यात्रा समाप्त) किया जा रहा है।
यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे प्रशासन ने फंसे हुए यात्रियों को मुरकोंगसेलेक से सिलापाथर तक लाने-ले जाने के लिए बसों के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। यात्रियों को आवश्यक सहायता और जानकारी देने के लिए धेमाजी, सिलापाथर और मुरकोंगसेलेक स्टेशनों पर आपातकालीन हेल्प डेस्क खोल दिए गए हैं। रेलवे अधिकारी जिला और राज्य सरकार के साथ मिलकर स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और पुल को जल्द से जल्द ठीक करने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
