Ankita Bhandari Case : 88 दिन की जांच, तीन दोषियों को उम्रकैद…अंकिता केस पर उत्तराखंड पुलिस का क्या है दावा?

अंकिता भंडारी केस को लेकर उत्तराखंड पुलिस का दावा है कि एसआईटी ने 88 दिनों में जांच पूरी कर करीब 500 पन्नों का विस्तृत आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया। उत्तराखंड शासन की ओर से भी मामले की त्वरित सुनवाई और प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किए गए।

देहरादून : अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर विवाद तेज हो गया है। मामले से कथित तौर पर जुड़े 'वीआईपी' की संवैधानिक पद पर नियुक्ति का विरोध करते हुए अंकिता के माता-पिता ने दिल्ली के इंडिया गेट पर प्रदर्शन किया। वे दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने का विरोध कर रहे थे। बृहस्पतिवार तड़के पुलिस ने अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिया, हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। इस बीच उत्तराखंड पुलिस ने हत्याकांड की जांच और न्यायिक कार्यवाही को लेकर अपनी कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा साझा किया है।

Uttarakhand Police on Ankita Bhandari

उत्तराखंड पुलिस (फोटो-@DIPR_UK)

अंकिता हत्याकांड की जांच पर उत्तराखंड पुलिस ने क्या बताया?

अंकिता हत्याकांड पर अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने बताया कि सितंबर 2022 में ऋषिकेश के निकट वनंतरा रिजॉर्ट में कार्यरत अंकिता भंडारी की हत्या के मामले में पुलिस ने घटना सामने आने के 24 घंटे के भीतर तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया था।

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