अमरनाथ यात्रा : चप्पे-चप्पे पर सिक्योरिटी अलर्ट, 55,000 तीर्थयात्रियों के ठहरने की व्यवस्था; जानें क्या-क्या हैं इंतजाम

जम्मू संभाग के संभागीय आयुक्त रमेश कुमार ने यहां पत्रकारों से कहा कि अभी तक जम्मू संभाग में लगभग 55,000 तीर्थयात्रियों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। जम्मू संभाग में आने वाले सभी तीर्थयात्रियों के लिए ठहरने, भोजन और साफ-सफाई की व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि किसी भी तीर्थयात्री को कोई परेशानी न हो।

जम्मू : जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने मंगलवार को कहा कि सालाना अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा बढ़ाने और लगभग 55,000 तीर्थयात्रियों के ठहरने की व्यवस्था समेत कई बड़े इंतजाम किए गए हैं। भक्तों का पहला जत्था दो जुलाई को यहां भगवती नगर स्थित आधार शिविर से रवाना होगा। अधिकारियों ने बताया कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा (श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के अध्यक्ष) सुबह चार बजे पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाएंगे। अमरनाथ गुफा मंदिर 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह 57 दिन की अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई को शुरू होगी। यह यात्रा अनंतनाग जिले में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले में छोटे लेकिन अधिक चढ़ाई वाले 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से एक साथ शुरू होगी।

Amarnath Yatra 2026

अमरनाथ यात्रा से पहले चप्पे-चप्पे पर सिक्योरिटी अलर्ट

जम्मू संभाग के संभागीय आयुक्त रमेश कुमार ने यहां पत्रकारों से कहा कि अभी तक जम्मू संभाग में लगभग 55,000 तीर्थयात्रियों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। जम्मू संभाग में आने वाले सभी तीर्थयात्रियों के लिए ठहरने, भोजन और साफ-सफाई की व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि किसी भी तीर्थयात्री को कोई परेशानी न हो। जम्मू क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक भीम सेन तूती के साथ मौजूद कुमार ने कहा कि यात्रा को सुरक्षित और बिना किसी परेशानी के पूरा करने के लिए स्वास्थ्य सेवा, परिवहन व्यवस्था और सुरक्षा के इंतजाज किए गए हैं।

End of Feed