एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के नए टर्मिनल 2 से परिचालन शुरू करने की घोषणा की है। यह बदलाव 16 मार्च 2026 से प्रभावी होगा, जिसके बाद दोनों एयरलाइंस की सभी उड़ानें टर्मिनल 1 (टी1) से नए टर्मिनल 2 (टी2) में स्थानांतरित हो जाएंगी। यह नया टर्मिनल पिछले साल दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित किया गया था। इसका व्यावसायिक संचालन फरवरी 2026 से शुरू हो चुका है, लेकिन एयर इंडिया ग्रुप की उड़ानों का पूर्ण स्थानांतरण अब 16 मार्च से हो रहा है।
गुवाहाटी एयरपोर्ट टर्मिनल-2 (फोटो-@GuwahatiAirport)
नए टर्मिनल से एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस मिलकर 38 दैनिक उड़ानें संचालित करेंगी। यह कदम गुवाहाटी एयरपोर्ट की क्षमता को बढ़ाकर सालाना 13.1 मिलियन यात्रियों तक पहुंचा चुका है, जो पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण है।
गुवाहाटी से दिल्ली के लिए मिलेगी फ्लाइट
एयर इंडिया की पहली उड़ान जो नए टर्मिनल पर उतरेगी, वह दिल्ली से आने वाली एआई879 होगी। वहीं, वापसी में एआई880 गुवाहाटी से दिल्ली के लिए टर्मिनल 2 से प्रस्थान करने वाली एयर इंडिया की पहली उड़ान होगी। एयर इंडिया एक्सप्रेस की ओर से कोलकाता से आने वाली आईएक्स1517 उड़ान नए टर्मिनल पर उतरने वाली पहली उड़ान होगी, और इसी उड़ान का आगे इंफाल के लिए प्रस्थान टर्मिनल 2 से एयर इंडिया एक्सप्रेस की पहली प्रस्थान उड़ान बनेगा।
एयर इंडिया वर्तमान में दिल्ली-गुवाहाटी रूट पर दो दैनिक राउंड-ट्रिप उड़ानें संचालित करती है। दूसरी ओर, एयर इंडिया एक्सप्रेस गुवाहाटी को बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली, डिब्रूगढ़, दीमापुर, हैदराबाद, इंफाल, जयपुर और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ती है, जहां यह कुल 17 दैनिक उड़ानें संचालित करती है। नए टर्मिनल के शुरू होने से यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, जैसे बेहतर चेक-इन, बैगेज हैंडलिंग, सुरक्षा जांच और बोर्डिंग प्रक्रिया।
एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की ग्राउंड टीमें नए टर्मिनल पर यात्रियों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार हैं। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी बुकिंग में संपर्क विवरण अपडेट करें ताकि फ्लाइट अपडेट और नोटिफिकेशन समय पर प्राप्त हो सकें।
यह स्थानांतरण पूर्वोत्तर क्षेत्र में हवाई यात्रा को और मजबूत करेगा। नए टर्मिनल की प्रकृति-थीम आधारित डिजाइन (बैम्बू ऑर्किड्स) असम की सांस्कृतिक और जैव-विविधता को दर्शाती है, जो यात्रियों के लिए एक आकर्षक अनुभव प्रदान करेगा। पुराना टर्मिनल अब कार्गो हब के रूप में उपयोग होगा, जिससे माल ढुलाई में भी सुधार होगा।
