Gujarat News: साल 2017 में रथयात्रा के दिन साबरमती रिवरफ्रंट से मिली एक अज्ञात महिला क शव का रहस्य आखिरकार नौ साल बाद सुलझ गया है। जिसे पुलिस लंबे समय तक दुर्घटनावश मौत मानकर जांच कर रही थी, वह दरअसल एक सुनियोजित हत्या निकली। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने मामले का पर्दाफाश करते हुए मृतका के पति को गिरफ्तार कर लिया है। क्राइम ब्रांच को हाल ही में विश्वसनीय सूचना मिली थी कि साबरमती रिवरफ्रंट वेस्ट पुलिस स्टेशन क्षेत्र में दर्ज एक अनसुलझे आकस्मिक मृत्यु के मामले में महिला की मौत हादसा नहीं, बल्कि हत्या थी। सूचना के आधार पर जांच शुरू की गई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
9 साल बाद खुला साबरमती रिवरफ्रंट की रहस्यमयी मौत का राज
घरेलू मुद्दों को लेकर होता था विवाद
जांच में पता चला कि रिवरफ्रंट से बरामद शव कालूपुर की पंचभाईनी पोल निवासी कोमलबेन मिनेशभाई सोलंकी का था, जो करीब नौ साल पहले रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गई थीं। मामले की गहराई से जांच करने पर हत्या के मजबूत संकेत मिले। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2017 में कोमलबेन का विवाह मिनेश दिनेशभाई सोलंकी से हुआ था। शादी के बाद दोनों के बीच घरेलू मुद्दों को लेकर अक्सर विवाद होता था। आरोप है कि विवाह के महज चार महीने बाद ही मिनेश ने अपनी पत्नी की हत्या की साजिश रच ली थी।
पत्नी के लापता होने की शिकायत
जांच में सामने आया कि 25 जून 2017, रथयात्रा के दिन, मिनेश अपनी पत्नी को घूमाने के बहाने पूरे दिन शहर के अलग-अलग स्थानों पर लेकर गया। देर रात वह उसे साबरमती रिवरफ्रंट ले गया। वहां बातचीत के दौरान उसने कथित तौर पर कोमलबेन को उठाकर नदी में फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने खुद को बचाने के लिए एक और चाल चली। पुलिस के मुताबिक, घटना के अगले ही दिन उसने कालूपुर पुलिस स्टेशन में पत्नी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई और हत्या की बात पूरी तरह छिपा ली। वर्षों तक परिवार और पुलिस यही मानते रहे कि कोमलबेन कहीं चली गई हैं।
नदी में फेंकते हुए किसने देखा था?
मामले में तब नया मोड़ आया जब क्राइम ब्रांच को एक प्रत्यक्षदर्शी और अन्य तकनीकी सूचनाएं मिलीं। जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण गवाह ने पुलिस को बताया कि उसने घटना के समय आरोपी को अपनी पत्नी को नदी में फेंकते देखा था। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने पूरे मामले की कड़ियां जोड़ीं। क्राइम ब्रांच ने तकनीकी साक्ष्यों, गुप्त सूचनाओं और गवाहों के बयानों के आधार पर मृतका की पहचान स्थापित की। पुलिस ने बताया कि शव मृत्यु के पांच से छह घंटे के अंदर बरामद हो गया था, जिसके कारण उसके स्पष्ट फोटोग्राफ उपलब्ध थे। बाद में मृतका के पिता ने तस्वीरों के आधार पर उसकी पहचान अपनी बेटी के रूप में की।
आगे की कानूनी कार्रवाई जारी
जांच में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी मिनेश दिनेशभाई पोपटलाल सोलंकी (31) निवासी आदित्य फ्लैट, इंडिया कॉलोनी, हाथीजन, अहमदाबाद को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए रिवरफ्रंट वेस्ट पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया है।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हो चुके हैं:
- वर्ष 2019 में वडोदरा के मकरपुरा पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मामला।
- वर्ष 2022 में दरियापुर पुलिस स्टेशन में गुजरात पुलिस एक्ट के तहत मामला।
- वर्ष 2025 में गांभोई पुलिस स्टेशन में निषेधाज्ञा (प्रोहिबिशन) कानून के तहत मामला।
करीब नौ वर्षों तक दफन रहा यह राज आखिरकार सामने आ गया। एक गुमशुदगी की कहानी अब हत्या के मामले में बदल चुकी है और पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है।
