भीख का कटोरा फेंक शिक्षा से जोड़ा नाता, स्कूल पहुंचकर आज सच में उनका 'पुनर्जन्म' हुआ है

अहमदाबाद में पुलिस और प्रशासन ने भिक्षावृत्ति से मुक्त कराए गए 50 से ज्यादा बच्चों का यहाां के सरकारी स्कूल में एडमिशन करवा दिया है। अब ये बच्चे भीख का कटोरा छोड़ किताबों से नाता जोड़ेंगे और अपना भविष्य खुद लिखेंगे।

अहमदाबाद : दिन मंगलवार 23 जून का था। स्थान अहमदाबाद में थलतेज स्थित एक सरकारी स्कूल था। यहां 50 से ज्यादा बच्चों का स्कूल में औपचारिक तौर पर एडमिशन हो रहा था। माहौल काफी खुशनुमा था। इस अवसर पर गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी वहीं, उसी स्कूल में मौजूद थे। इतनी बड़ी संख्या में बच्चों के स्कूल में एडमिशन पर संघवी ने कहा, 'इनका आज पुनर्जन्म हुआ है।' आखिर ऐसा क्यों? चलिए जानते हैं -

ahmedabad beggers students

अहमदाबाद में 50 से ज्यादा बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराया गया

50 से ज्यादा बच्चों के स्कूल में एक साथ एडमिशन की यह घटना बिल्कुल भी आम नहीं थी। क्योंकि ये बच्चे भी आम नहीं हैं। यह वो बच्चे हैं जिनकी जिंदगी अब तक आम बच्चों की तरह नहीं थी। इन बच्चों को आम बच्चों की तरह सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। आम बच्चों की तरह ये बच्चे भोजन-कपड़ों आदि के लिए माता-पिता पर नहीं थे। बल्कि ये बच्चे ट्रैफिक सिग्नलों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर भीख मांगकर जीवन यापन कर रहे थे। क्षिक्षावृत्ति में धकेले गए बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने की दिशा में अहमदाबाद पुलिस और प्रशासन ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया।

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