अहमदाबाद में पालतू कुत्तों के लिए संवेदनशीलता दिखाते हुए एक खास पहल शुरू की गई है। नगर निगम ने कुत्तों के अंतिम संस्कार के लिए सीएनजी आधारित श्मशान घाट की शुरुआत की है। इस सुविधा का मकसद पालतू जानवरों को सम्मानजनक विदाई देना है। शहर के कई पालतू जानवरों के मालिकों ने इस पहल का स्वागत किया है।
कुत्तों के अंतिम संस्कार के लिए नई व्यवस्था
इस प्रोजेक्ट को करीब तीन महीने पहले प्रयोग के तौर पर शुरू किया गया था। शुरुआती चरण में सफलता के बाद अब इसे पूरी तरह से लागू कर दिया गया है। यह श्मशान घाट बहरामपुरा इलाके में बनाया गया है। इसे तैयार करने में करीब 30 लाख रुपये की लागत आई है। नगर निगम के पकड़े गए, नसबंदी किए गए और छोड़े गए कुत्तों के विभाग ने इसे विकसित किया है।
अब पालतू जानवरों को भी सम्मान के साथ विदाई
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, यह सुविधा पूरी तरह मुफ्त है। पालतू जानवरों के मालिक नगर निगम की वेबसाइट या हेल्पलाइन नंबर की मदद से इस सेवा को आसानी से बुक कर सकते हैं। इससे लोगों को अपने पालतू कुत्तों के अंतिम संस्कार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और उन्हें सम्मानजनक विदाई दी जा सकेगी।
अहमदाबाद में वर्तमान में करीब 19,000 रजिस्टर्ड कुत्ते हैं, ऐसे में यह सुविधा काफी उपयोगी साबित हो रही है। कई पालतू जानवरों के मालिकों ने इस पहल की सराहना की है और कहा है कि इससे उन्हें अपने पालतू को सम्मान के साथ विदाई देने का मौका मिला है।
सीएनजी आधारित होने की वजह से यह श्मशान घाट पर्यावरण के लिए भी बेहतर है। इस पहल की सफलता के बाद अब अहमदाबाद नगर निगम शहर के अन्य इलाकों में भी ऐसे दो और श्मशान घाट बनाने की योजना बना रहा है। यह कदम न केवल पालतू जानवरों के प्रति संवेदनशीलता दिर्शाता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक अच्छा प्रयास है।
