Ahmedabad 1992 Murder Case: अहमदाबाद के वटवा इलाके में 1992 के पुराने मर्डर केस में अब नया मोड़ सामने आया है। क्राइम ब्रांच ने कुतुबनगर में स्थित एक खाली पड़े मकान से खुदाई के बाद करीब 18 फीट गहराई से एक महिला कंकाल के अवशेष बरामद किए हैं। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मिलकर एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में यह कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में यह मामला फरजाना उर्फ शबनम की हत्या से जुड़ा बताया जा रहा है।
बंद मकान से मिले महिला के शव के अवशेष
बंद मकान से निकला खौफनाक सच
पुलिस को सूचना मिली थी कि इस खाली पड़े मकान के पास अजीब घटनाएं होती हैं और लोगों को वहां जाने से भी डर लगता है। जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। पूछताछ में पता चला कि पिछले 4-5 सालों से यह मकान खाली पड़ा है और अब खंडहर हालत में तब्दील हो गया। जब जेसीबी बुलाकर यहां खुदाई कराई गई, तो वहां से शव के अवशेष मिले, जिससे हत्या की आशंका पुख्ता हुई।
देह व्यापार से जुड़ी थी महिला
पुलिस ने बताया कि मृतक संदिग्ध रूप से फरजाना उर्फ शबनम है, उसकी हत्या का मुख्य आरोपी उसका पति शमशुद्दीन बताया जा रहा है, जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर अपनी पत्नी की हत्या कर घर में ही लाश दफना दी। जांच में यह भी सामने आया कि फरजाना मूल रूप से धंधुका की निवासी थी। उसकी शादी सूरत में हुई थी, लेकिन एक साल में ही वह अपने मायके लौट आई। बाद में महिला ने देह व्यापार शुरू कर दिया और अहमदाबाद आकर रहने लगी। जिसके बाद परिवार ने उससे रिश्ता तोड़ दिया।
32 साल बाद खुला हत्या का राज
अहमदाबाद आकर भी फरजाना ने यह काम जारी रखा। इसी दौरान उसकी मुलाकात शमशुद्दीन खेड़ावाला नाम के शख्स से हुई। पहले उनके बीच प्रेम संबंध हुआ, फिर दोनों ने शादी कर ली। लेकिन शादी के बाद भी फरजाना ने अपना काम नहीं छोड़ा, जिससे दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे। शमशुद्दीन ने बाद में फरजाना से अलग होने का फैसला लिया। लेकिन वह ऐसा नहीं चाहती थी। बताया जा रहा है कि इसी तनाव के बीच शमशुद्दीन ने अपने भाई इकबाल और दोस्त अब्दुल करीम व सालियाबीबी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
दो आरोपियों की हो चुकी है मौत
साजिश के अनुसार, शमशुद्दीन एक दिन फरजाना को लेकर सालियाबीबी के घर गया। रात में फरजाना जब गहरी नींद में थी , तब चारों आरोपियों ने मिलकर उसका गला दबाकर हत्या कर दी। जिसके बाद शव को घर के अंदर ही गड्ढा खोदकर दफना दिया। बाद में उस जगह को प्लास्टर कर सामान्य बना दिया गया। सालियाबीबी के दामाद ने उन्हें शव दफनाते हुए देख लिया था, लेकिन उसे धमकाकर चुप करा दिया गया। कुछ समय बाद आरोपी शमशुद्दीन ने दूसरी शादी भी कर ली। यह खाली पड़ा घर सालियाबीबी का था, जिसे उसने बाद में बेच दिया था। अब सालियाबीबी और एक अन्य आरोपी अब्दुल करीम की मौत हो चुकी है।
पति और उसके भाई को पुलिस ने हिरासत में लिया
पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए शमशुद्दीन और उसके भाई इकबाल को हिरासत में ले लिया है और दोनों से पूछताछ की जा रही है। सभी सबूत और बयानों से यह पता चल रहा है कि यह अवशेष फरजाना के हैं, लेकिन इसकी पुष्टि के लिए वैज्ञानिक नतीजों का इंतजार किया जा रहा है। इसके लिए बरामद कंकाल का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। पुलिस के अनुसार, वैज्ञानिक रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में जांच जारी है।
