Cyber Fraud in UP : हाल ही में हरियाणा में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए 20 हजार से ज्यादा मोबाइल नंबरों को ब्लॉक करा दिया था। अब ऐसा ही कुछ आगरा में भी हुआ है। यहां पर साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। इन्हीं सब मामलों पर रोक लगाने के लिए साइबर सेल बड़ी कार्रवाई करने जा रही है। पिछले चार महीने में टीम में ठगी में प्रयुक्त हुए कुल 600 सिमकार्ड को अमान्य करा दिया है। बताया जा रहा है कि ऐसे सभी मोबाइल नंबरों का डाटा केंद्रीय गृह मंत्रालय, साइबर मुख्यालय और दूरसंचार मंत्रालय को उपलब्ध कराया गया है।
साइबर ठगी में प्रयुक्त सिमकार्ड और मोबाइल अमान्य। (प्रतीकात्मक फोटो)
पुलिस ने क्या कहा
साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस ने कहा है कि अपराधी लोगों को ठगने के लिए तरह-तरह की युक्तियों को प्रयोग में लाते हैं। उन्हें शिकार बनाकर खाते से पैसे उड़ाने के बाद वे सिम तोड़कर फेंक देते हैं। इसके बाद नया सिम कार्ड मोबाइल में डालकर ठगी के काम को आगे बढ़ाते हैं। हालांकि साइबर सेल की टीम सिम कार्ड के साथ अब मोबाइल को भी बंद कराने का कर रही है।
डेढ़ करोड़ की हो चुकी ठगी
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में साइबर सेल के हवाले से चार महीने में डेढ़ करोड़ की ठगी होने का दावा किया गया है। बताया गया है कि इसी साल में अब तक अपराधियों ने करीब 1.50 करोड़ रुपये की ठगी की है। जिसमें हर बार अलग-अलग नंबरों का प्रयोग किया है। बहुत सी घटनाएं ऐसी भी रहीं जिसमें कि एक व्यक्ति को ठगने के लिए कई सिम कार्ड प्रयोग में लाए गए। जिसके बारे में टीम को आईएमईआई नंबर के माध्यम से पता चला। पुलिस टीम ने मोबाइल नंबर और आईएमईआई नंबर की एक-एक लिस्ट स्टेट साइबर हेड क्वार्टर, केंद्रीय गृह मंत्रालय और दूरसंचार मंत्रालय को भेजा है। बताया जाता है कि रिपोर्ट भेजने के बाद 600 सिम और मोबाइल को बंद करा दिया गया।
इस नंबर करें संपर्क
साइबर सेल के एक्सपर्ट बताते हैं कि अगर अंजान नंबर से फोन करे कोई भी आपकी निजी जानकारी लेने की कोशिश करे तो फोन कट कर दें। क्योंकि साइबर ठग लोगों को शिकार बनाने के लिए कई प्रकार के हथकंडे अपनाते हैं। ऐसे में लोगों को बेहद सतर्क रहना चाहिए। किसी भी लालच में न आकर उपभोक्ताओं को मामले की शिकायत साइबर क्राइम पोर्टल के नंबर 1930 पर दर्ज करानी चाहिए।
