बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर : दुकान के बदले दुकान-मकान के बदले मुआवजा; विरोध के बाद क्या मिलेंगे अधिकार?

बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर के निर्माण से पूरे बृज क्षेत्र को आर्थिक गति मिलेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कॉरिडोर क्षेत्र में को दुकान के बदले दुकान और मकान के बदले मुआवजे का प्रावधान किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि गोस्वामी समाज की परंपरा, अधिकार व सेवाएं पूर्ववत रहेंगी। उस पर कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।

मथुरा : वृंदावन में बांके बिहारी मंदिक के कॉरिडोर को लेकर स्थानीय लोग रोड़ा बन रहे हैं। मंदिर में पूजा-पाठ कराने वाला गोस्वामी समाज इसके विरोध में है। हालांकि, उत्तर प्रदेश सरकार इस ड्रीम प्रोजेक्ट को लेकर हर तरह के प्रयास कर रही है। कॉरिडोर करीब 5 एकड़ जमीन पर बनेगा, जो 3 साल में कंपलीट होगा, जिसके तहत मंदिर के रास्ते को चौड़ा किया जाएगा। मंदिक में एंट्री के लिए 3 गेट बनेंगे और करीब 30 हजार वर्गमीटर में पार्किंग विकसित की जाएगी। कॉरिडोर में श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध पेयजल, विश्राम स्थल, स्वच्छ शौचालय, चिकित्सा केंद्र, लॉकर आदि की सुविधाएं होंगी। कॉरिडोर निर्माण से पर्यटकों की संख्या में चार गुना तक वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। इससे पूरे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को तेजी मिलेगी और दुकानदारों की कमाई बढ़ेगी। कॉरिडोर निर्माण पर सरकार ने स्पष्ट किया है कि गोस्वामी समाज की परंपरा, अधिकार व सेवाएं पूर्ववत रहेंगी। उस पर कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।

Banke Bihari Corridor Project.

बांके बिहार कॉरिडोर (सांकेतिक फोटो)

बांके बिहारी कॉरिडोर के फायदे

कॉरिडोर के निर्माण से भीड़भाड़ से निजात मिलेगी और मंदिर में बांके बिहारी के दर्शन भी अच्छी तरह से हो पाएंगे। इससे सिर्फ श्रद्धालुओं को ही नहीं बल्कि, सभी लोगों को फायदा मिलेगा, क्योंकि यहां दूर-दराज से लोग दर्शन करने के लिए आते हैं और इस वजह से काफी भीड़ भी रहती है। कॉरिडोर योजना के लिए बजट स्वीकृत होने के बाद वृंदावन और आसपास के क्षेत्रों में जमीनों के दाम में अधिक इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है। वृंदावन में पहले से ही भूमि की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं और इस नई परियोजना के कारण इन कीमतों में और वृद्धि हो सकती है। बता दें कि बांके बिहारी कॉरिडोर परियोजना के तहत मंदिर के आसपास के क्षेत्र में कनेक्टिविटी, सड़कों का चौड़ीकरण, पार्किंग की व्यवस्था, धर्मशाला और अन्य आवश्यक सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। इस परियोजना का उद्देश्य न केवल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाना है, बल्कि पर्यटकों के लिए वृंदावन को और भी आकर्षक बनाना है।

End of Feed