Ghee Racket Busted in Ujjain: उज्जैन जिले में शुद्धता के दावे के साथ बेचे जा रहे ब्रांडेड घी में मिलावट का बड़ा मामला सामने आया है। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जांच के लिए भेजे गए नमूनों में से तीन प्रमुख कंपनियों—रत्नागिरी देसी घी, मिल्क क्रीम देसी घी और नंद कृष्णा घी के सैंपल राज्य स्तरीय लैब की रिपोर्ट में अनसेफ पाए गए हैं। जांच अधिकारियों के अनुसार, इन ब्रांड्स में वनस्पति तेल के साथ लेड (सीसा) जैसे हानिकारक तत्वों की मिलावट पाई गई है, जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक हैं।
उज्जैन में खाद्य मिलावट के खिलाफ छापेमारी
खाद्य सुरक्षा विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई
रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए महिदपुर के बाकलीवाल ट्रेडर्स से 280 लीटर 'मिल्क क्रीम' घी, दूधतलाई के श्रीकृष्णा डिस्पोजल से 110 लीटर 'रत्नागिरी' घी और महिदपुर रोड स्थित राजेंद्र कुमार बाबूलाल फर्म से 142 लीटर नंद कृष्णा घी जब्त किया है। इंदौर से सप्लाई होकर आए इस हजारों लीटर जहरीले घी की जब्ती के बाद विभाग अब आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गया है।
भारत में खाद्य पदार्थों में मिलावट एक गंभीर स्वास्थ्य और सामाजिक समस्या बन चुकी है। दूध, पनीर, मसालों, तेल और मिठाइयों जैसी दैनिक उपभोग की वस्तुओं में सिंथेटिक रंगों और हानिकारक रसायनों की मिलावट लोगों की सेहत से सीधा खिलवाड़ करती है। इस पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें 'खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण' (FSSAI) के नेतृत्व में देशव्यापी कड़े अभियान चला रही हैं।
मौके पर ही खाद्य पदार्थों की जांच
खाद्य सुरक्षा विभाग की मोबाइल टेस्टिंग वैन गांव-गांव और कस्बों में जाकर मौके पर ही खाद्य पदार्थों की जांच कर रही हैं। इसके अलावा त्योहारों के सीजन में मिलावटी खोया, पनीर और मसालों के अवैध कारखानों पर बड़े पैमाने पर छापेमारी की जा रही है। नियमों को सख्त बनाते हुए मिलावटखोरी में शामिल अपराधियों के खिलाफ भारी जुर्माना और आजीवन कारावास तक के कड़े कानूनी प्रावधान लागू किए गए हैं। साथ ही, FSSAI उपभोक्ताओं को घर पर ही आसान तरीकों से खाद्य पदार्थों की शुद्धता जांचने के टिप्स भी दे रहा है।
देश को स्वस्थ और रोगमुक्त बनाने के लिए शुद्ध भोजन अनिवार्य है। खाद्य सुरक्षा केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आम नागरिकों को भी जागरूक होकर मिलावट के खिलाफ आवाज उठानी होगी।
