70 से 75 फीसद बायोमेट्रिक हैं कोचिंग सेंटर के बेसमेंट के दरवाजे, छात्रों ने पूछा-हमारी सुरक्षा के लिए आखिर कौन है जिम्मेदार?

Old Rajinder Nagar Accident: दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने नियमों का उल्लंघन करने वाले कोचिंग केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम एक कोचिंग सेंटर के ‘बेसमेंट’ में पानी भर जाने से तीन लोगों की मौत की घटना की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करेगा। छात्र न्याय के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं।

KEY HIGHLIGHTS
  • दिल्ली में कई सारे ऐसे शैक्षिक कोचिंग सेंटर हैं जो कि सुरक्षा मानदंडों का उल्लंघन कर रहे हैं
  • दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए देश भर से बच्चे आते हैं लेकिन सुरक्षा राम भरोसे
  • कुछ दिनों पहले दिल्ली में सिविल सर्विसेज की तैयारी करने वाले छात्र की करंट लगने से मौत हुई

Old Rajinder Nagar Accident: दिल्ली के ओल्ड राजिंदर नगर में सविल सेवा की तैयारी करने वाले तीन छात्रों की मौत के बाद स्थानीय प्रशासन नींद से जगते हुए कार्रवाई की है। राव कोचिंग सेंटर के मालिक और प्रबंधक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यही नहीं, एमसीडी ने इलाके में चल रहे 13 अवैध कोचिंग सेंटर को सील कर दिया है। बता दें कि गत शनिवार को राव कोचिंग सेंटर के बेसमेंट जिसमें लाइब्रेरी था, अचानक पानी भर गया। इसमें डूबने से दो लड़कियों और एक लड़के की मौत हो गई। इस बेसमेंट का दरवाजा बॉयोमेट्रिक था। छात्र अब इस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

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ज्यादातर पुस्तकालयों के दरवाजे बॉयोमेट्रिक हैं।

'इमारतों में बॉलकनी नहीं है'

इस घटना पर छात्र पुनीत सिंह का कहना है कि इस इलाके के ज्यादातर कोचिंग सेंटर में प्रवेश और निकासी बॉयेमेट्रिक सिस्टम से है। आपात स्थिति में इमारतों में बाहर निकलने के लिए यहां बॉलकनी नहीं है। इमारत में आग लगने पर बचने का कोई रास्ता भी नहीं है। अगर आपके पास बॉयोमेट्रिक एक्सेस नहीं है तो आप का इमारत से निकलना असंभव है। ऐसे में सवाल है कि हमारी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है? इस इलाके में जितने भी पुस्तकालय हैं, उनमें आने-जाने के लिए करीब 75 फीसद में बॉयोमेट्रिक सिस्टम लगा है।

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