आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने केंद्र सरकार द्वारा पेश आम बजट 2026-27 को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बजट को किसान,खेती-बाड़ी और हरियाणा के खिलाफ बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट बड़े-बड़े दावों से भरा हुआ है, लेकिन असलियत में यह किसानों के साथ धोखा और हरियाणा के साथ भेदभाव का दस्तावेज है। बजट से साफ हो गया है कि मोदी सरकार की प्राथमिकताओं में न किसान हैं, न खेती और न ही हरियाणा।
अनुराग ढांडा ने कहा कि बजट 2026-27 में कृषि और सहायक गतिविधियों के लिए केवल 1.62 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है,जबकि पिछले वर्ष 2025-26 में यह राशि 1.71 लाख करोड़ रुपये थी। यानी खेती के बजट में सीधे तौर पर 6,985 करोड़ रुपये की कटौती की गई है। सरकार इसे चाहे 'री-एलाइनमेंट' कहे, लेकिन सच्चाई यह है कि यह किसानों पर सीधा वार है। लगातार दूसरे साल कृषि बजट में कटौती यह दिखाती है कि बीजेपी सरकार के एजेंडे में किसान सबसे नीचे है।
उन्होंने कहा कि बजट में MSP की कानूनी गारंटी को लेकर सरकार पूरी तरह चुप है। दिसंबर 2025 तक देशभर की मंडियों में मक्का, मूंग, उड़द, रागी, मूंगफली, सोयाबीन और कपास जैसी फसलें MSP से 5 से 30 प्रतिशत तक कम दामों पर बिकीं। किसान घाटे में फसल बेचने को मजबूर है और सरकार आंखें मूंदकर बैठी है। यह चुप्पी नहीं, बल्कि किसान की आमदनी पर सीधा हमला है।
अनुराग ढांडा ने कहा कि यूरिया के नाम पर किसानों की जेब पर भी डाका डाला गया है। पहले 50 किलो का यूरिया बैग 45 किलो किया गया और अब 40 किलो का कर दिया गया है, जबकि कीमत वही रखी गई है। यानी किसान को हर बैग पर 10 किलो कम खाद मिल रही है। यह सुधार नहीं, बल्कि खुली लूट है, जिससे खेती की लागत बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा को एक बार फिर बजट में कुछ नहीं मिला। GST और टोल टैक्स में बड़ा योगदान देने के बावजूद न किसानों के लिए कोई विशेष योजना है, न सिंचाई के लिए बड़ा निवेश और न ही कोई नई कृषि परियोजना। यह साफ तौर पर हरियाणा के साथ सौतेला व्यवहार है।
अनुराग ढांडा ने कहा कि आम आदमी पार्टी इस किसान विरोधी और हरियाणा विरोधी बजट के खिलाफ किसानों और जनता की आवाज़ बनकर सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी।
