देवघर : विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के दौरान बाबा नगरी देवघर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक बेहद चौंकाने वाली और गंभीर खबर सामने आई है। यदि आप भी देवघर आकर बाबा बैद्यनाथ को चढ़ाने के लिए या प्रसाद के रूप में प्रसिद्ध 'पेड़ा' खरीद रहे हैं, तो अब आपको सावधान होने की जरूरत है। मेले में श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ करते हुए बाजार में धड़ल्ले से नकली और मिलावटी पेड़े की बिक्री की जा रही है। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा की गई एक बड़ी छापेमारी में इस अवैध कारोबार का पर्दाफाश हुआ है।
देवघर श्रावणी मेले में मिलावटी पेड़े जब्त
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खाद्य सुरक्षा विभाग को रांची स्थित मुख्य कार्यालय से एक गुप्त सूचना मिली थी कि देवघर मेला क्षेत्र के आसपास अवैध रूप से मिलावटी पेड़ा तैयार किया जा रहा है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए विभाग की एक विशेष टीम ने फौरन एक्शन लिया और शहर के क्लब ग्राउंड के पीछे स्थित एक नवनिर्मित मकान पर औचक छापेमारी की।
500 किलो संदिग्ध खोया बरामद
छापेमारी के दौरान मौके से भारी मात्रा में मिलावटी सामग्री बरामद की गई। अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए लगभग 500 किलोग्राम संदिग्ध खोया अपने कब्जे में ले लिया, जिसका इस्तेमाल धड़ल्ले से पेड़े बनाने के लिए किया जा रहा था। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि पेड़े की लागत और मात्रा बढ़ाने के लिए इसमें दूध या शुद्ध घी के बजाय हानिकारक रिफाइंड तेल का इस्तेमाल किया जा रहा था, जो कि आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है।
सैंपल रांची लैब भेजे गए
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके से बरामद संदिग्ध खोए और पेड़े के सैंपल जब्त कर लिए हैं। जांच के लिए इन नमूनों को रांची स्थित राजकीय प्रयोगशाला (लैब) में भेज दिया गया है। इसके साथ ही, संबंधित फर्म के संचालकों से स्पष्टीकरण मांगते हुए जवाब-तलब किया गया है।
विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी आश्वस्त किया है कि श्रावणी मेला के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध, स्वच्छ और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग का यह विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि किसी भी श्रद्धालु के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो सके।
