अंबाला : जिले के धंन्योड़ा गांव में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। चार वर्षीय निरवैर सिंह खेत में खुले करीब 220 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ (NDRF) और सेना की टीमें मौके पर पहुंचीं और बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया। जानकारी के मुताबिक, सुबह साढ़े 6 बजे निर्भय बोरवेल में गिरा था, लेकिन अभी तक उसको निकाला नहीं जा सका है। 8 घंटे से लगातार सेना और एनडीआरएफ की टीम में रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है।
अंबाला में 220 फीट गहरे बोरवेल में गिरा बच्चा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, निरवैर सिंह अपने पिता के साथ खेतों में काम कर रहे दादा के लिए खाना लेकर आया था। इसी दौरान वह खेलते-खेलते खेत में खुले पड़े बोरवेल के पास पहुंच गया और अचानक उसमें गिर गया। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दी, जिसके बाद राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंच गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर अंबाला के डिप्टी कमिश्नर अजय सिंह तोमर ने टाइम्स नाउ नवभारत से खास बातचीत में जानकारी देते हुए कहा रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार चल रहा है। NDRF की स्पेशल टीमें आई हुई हैं, जो रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। अभी बच्चे को खींचकर निकालने की कोशिश है। हमें उम्मीद है जल्दी से हमें सफलता मिल जाएगी।
हमने कैमरा नीचे डाला था। उससे हम बच्चों को देख सकते हैं, लेकिन उससे ज्यादा कहना ठीक नहीं होगा। सूचना मिली थी हमें सुबह एक बच्चा बोरवेल में गिर गया है। हमने अपना इमरजेंसी रिस्पांस एक्टिव किया था। 9 बजे हमने सेना को रिक्विजिशन भेज दिया था सेना की टीम पहुंच गई थी NDRF की टीम में भी मौके पर है। बहुत दुर्भाग्यपूर्ण यह घटना है। मैं सभी किसान भाइयों को कहना चाहता हूं कि बोरवेल को कवर करके रखें।
कितनी देर में बच्चे को निकाल लिया जाएगा यह कहना अभी बहुत जल्दबाजी होगा हम अपना बेस्ट एफर्ट कर रहे हैं किसी ने खाना तक नहीं खाया है बारिश हो रही है। बारिश में हम लगातार काम कर रहे हैं। हमारी कोशिश है जल्द से जल्द बच्चे को बाहर निकाल लिया जाए।
बच्चे को सकुशल बाहर निकालने का प्रयास
अंबाला के उपायुक्त अजय तोमर ने बताया कि घटना सुबह हुई है और बच्चे को सुरक्षित निकालने के लिए सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय के साथ लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता बच्चे को सकुशल बाहर निकालना है और इसके लिए हर संभव संसाधन लगाए गए हैं।
टाइम्स नाउ नवभारत पर यह भी पढ़ें - ऑपरेशन सिंदूर: वेणुगोपाल बोले-6 जवानों की शहादत पर रक्षा मंत्री ने बोला 'झूठ', विशेषाधिकार हनन लाएगी कांग्रेस
मौके पर मौजूद बच्चे के मामा ने बताया कि निरवैर अपने पिता के साथ खेत आया था। कुछ ही क्षणों में वह खुले बोरवेल के पास पहुंच गया और हादसे का शिकार हो गया। घटना के बाद गांव के लोग बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए और परिवार को ढांढस बंधाने के साथ बचाव कार्य में भी सहयोग कर रहे हैं।
फिलहाल एनडीआरएफ, सेना और जिला प्रशासन की टीमें आधुनिक उपकरणों की मदद से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। पूरे इलाके में दुआओं का माहौल है और हर कोई मासूम निरवैर सिंह के सुरक्षित बाहर आने की प्रार्थना कर रहा है।
