भारतीय रेलवे देश की धड़कन है। यह पूर्व से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक देश को एक सूत्र में पिरोती है। भारतीय रेलवे देश की लाइफलाइन है। कम खर्च में देश के एक कोने से दूसरे कोने तक जाने के लिए रेलवे से अच्छा और सस्ता साधन नहीं है। भारतीय रेल अब अपने रंग-रूप को बदल रही है। खासतौर पर वंदे भारत ट्रेनों ने भारतीय रेलवे की रंग-रूप ही नहीं बल्कि इमेज को भी बदलकर रख दिया है। हमेशा लेट-लतीफी के कारण आलोचनाओं का शिकार बनने वाली भारतीय रेलवे को वंदे भारत ने समय पर पहुंचना सिखा दिया है। खासतौर पर साल 2024 में भारतीय रेलवे ने आधुनिक युग में दो कदम और आगे बढ़ाए हैं। चलिए जानते हैं -
बता दें, वंदे भारत देश की सेमी-हाईस्पीड ट्रेन है। जिसे स्वदेशी तकनीक से विकसित किया गया है। यह ट्रेन आधुनिक सुविधाओं से लैस है।
आधुनिक होती भारतीय रेलवे अब अपने यात्रियों को मजबूत और वर्ल्ड क्लास ट्रैवेल एक्सपीरियंस दे रही है। लगातार ट्रेनों की एफिशिएंसी बढ़ाई जा रही है और एडवांस टेक्नोलॉजी को भी अपना रही है। रेलवे ने देश के विकास में अपनी भूमिका को और भी मजबूत किया है। इसमें वंदे भारत ट्रेनों का बड़ा अहम रोल है।
कितनी वंदे भारत चल रही हैं
26 दिसंबर 2024 तक के आंकड़े के अनुसार भारतीय रेलवे नेटवर्क में कुल 136 मेड इन इंडिया वंदे भारत ट्रेनें देशभर में पटरियों पर दौड़ रही हैं। बात करें साल 2024 में शुरू होने वाली ट्रेनों की तो रेल मंत्रालय के अनुसार इस साल कुल 62 वंदे भारत सेवाएं शुरू हुईं। सेमी हाई-स्पीड वंदे भारत ट्रेनें लगातार आगे बढ़ते भारत, उसकी बढ़ती ताकत व एडवांस होती तकनीक की परिचायक हैं।
सुविधा सम्पन्न ट्रेनें
वंदे भारत ट्रेनें सुविधाओं के मामले में भारत में चलने वाली पुरानी ट्रेनों से कोसों आगे हैं। इनमें अत्याधुनिक कवच तकनीक का इस्तेमाल हुआ है, जो इनको दूसरी ट्रेन से टक्कर होने से बचाता है। इसके अलावा इनमें 360 डिग्री घूमने वाली सीटें, दिव्यांगजनों के लिए सुविधाजनक शौचालय और ब्रेल साइनेज के साथ ही अन्य सुविधाएं भी इन वंदे भारत ट्रेनों में मौजूद हैं।
भारतीय रेलवे का इलेक्ट्रिफिकेशन
भारतीय रेलवे ने साल 2024 में कुल 3210 किमी रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण किया है। गर्व की बात यह है कि ब्रॉड गेज में अब सिर्फ 3 फीसद ट्रैक ही ऐसा बचा है, जिसका विद्युतीकरण नहीं हुआ है, बाकी के 97 फीसद ब्रॉड गेज ट्रैक को इलेक्ट्रीफाइड कर दिया गया है।
आधुनिक रेलवे स्टेशन
भारतीय रेलवे अपने पुराने स्वरूप को बदल रही है और नए रंग-रूप में सबके मन को भा रही है। आधुनिक भारतीय रेलवे के लिए स्टेशनों को भी आधुनिक बनाया जा रहा है। इसके लिए अमृत भारत स्टेशन स्कीम लाई गई है। इस स्कीम के तहत देशभर के 1337 स्टेशनों को चिह्नित किया गया है, जिनका पुनर्निमाण किया जा रहा है। इन 1337 में से 1198 स्टेशनों के टेंडर दिए जा चुके हैं और काम भी शुरू हो चुका है। बाकी बचे स्टेशन भी टेंडर और प्लानिंग के विभिन्न चरणों में हैं।
नेट जीरो कार्बन टार्गेट
भारतीय रेलवे ने साल 2030 तक नेट जीरो कार्बन उत्स र्जन का लक्ष्य रखा है। इसके तहत नवंबर 2024 तक 487 मेगा वाट के सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं, जिसमें रूफ टॉप और ग्राउंड माउंटेड सोलर प्लांट शामिल हैं। इसके अलावा 103 मेगा वाट के विंड पावर प्लांट भी लगाए गए हैं।
ई-टिकट के मामले में रिकॉर्ड
भारतीय रेलवे लगातार आधुनिक हो रही है और देश के लोग भी आधुनिक तरीके से टिकट बुकिंग कर रहे हैं। रिजर्व सेक्टर में कुल 86 फीसद ई-टिकटें बिक रही हैं, जबकि अनरिजर्व सेक्टर में यह आंकड़ा 28 फीसद से बढ़कर अक्टूबर 2024 तक 33 फीसद पहुंच गया है। गति शक्ति मल्टी मॉडल कार्गो टर्मिनल के जरिए देशभर में कार्गो टर्मिनल बनाए जा रहे हैं। देशभर में कुल 354 जगहों को गति शक्ति मल्टी मॉडल कार्गो टर्मिनल के लिए चिह्नित किया गया है, जिसमें से 27 रेलवे की जमीन पर और 327 अन्य भूमि पर बनेंगे। अक्टूबर 2024 तक 91 टर्मिनल का काम भी पूरा हो चुका है।
