अयोध्या : सरयू नदी के घाटों पर दीपों की जगमगाहट, रामनाम का जयघोष और श्रद्धालुओं की आस्था के बीच रामयंत्र की मधुर धुन भी लोगों का ध्यान खींच रही है। गले में रामयंत्र टांगे और दोनों हाथों से उसकी ताल बजाते विक्रेता घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। 10वें दीपोत्सव कार्यक्रम राम घाट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भगवान राम और माता जानकी की पूजा-अर्चना की। दोनों ने आरती कर प्रभु का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने तुलसीदास के दौरान के अयोध्या का वर्णन किया।
अयोध्या दीपोत्सव में पहुंचे सीएम योगी
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने संतों का अभिवादन किया। उनके साथ राज्यपाल आनंदी बेन पटेल भी पहुंचीं हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने उपराष्ट्रपति का सम्मान किया है।
तुलसीदास की चौपाई का किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के भव्य स्वरूप का जिक्र करते हुए कहा कि आज अयोध्या धाम को देखकर गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई 'अवधपुरी अति रुचिर बनाई, देव सुमन वृष्टि झरि लाई' याद आती है। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या नगरी बिल्कुल उसी तरह भव्य और दिव्य नजर आती है, जैसा तुलसीदास ने अपने काव्य में वर्णन किया था।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि राम मंदिर के निर्माण और धार्मिक पर्यटन के विस्तार ने स्थानीय निवासियों व अन्य राज्यों के व्यापारियों के लिए आजीविका के नए रास्ते खोल दिए हैं। बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या को एक वैश्विक धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के अभियान का प्रभाव जमीन पर दिखाई देने लगा है, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही का लाभ छोटे व्यापारियों को मिल रहा है।
