जीरो बैलेंस vs रेगुलर सेविंग अकाउंट: कौन सा है आपके लिए बेस्ट और क्या हैं इनके छिपे हुए सच?

Zero Balance vs Regular Savings Account: क्या आप भी यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि कौन-सा बैंक अकाउंट आपके लिए एक बेस्ट ऑप्शन साबित हो सकता है? अगर आप भी इस तरह की उलझन में हैं तो आपको रेगुलर सेविंग्स अकाउंट और जीरो बैलेंस अकाउंट के बीच अंतर समझना चाहिए।

Zero Balance vs Regular Savings Account: आज के समय में हर दूसरे व्यक्ति के पास बैंक खाता मौजूद है। बैंक अपने ग्राहकों को अलग-अलग जरूरतों के अनुसार कई तरह के सेविंग अकाउंट की सुविधा देते हैं। इन्हीं में दो सबसे आम जीरो बैलेंस अकाउंट (zero-balance savings accounts) और रेगुलर सेविंग अकाउंट है। दोनों ही खातों का उद्देश्य ग्राहकों को सुरक्षित बैंकिंग सुविधा देना है, लेकिन इनके नियम और सुविधाओं में कुछ महत्वपूर्ण अंतर होते हैं। इस आर्टिकल में आपको जीरो बैलेंस अकाउंट और रेगुलर सेविंग अकाउंट के बीच अंतर ही बताने जा रहे हैं-

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जीरो बैलेंस vs रेगुलर सेविंग अकाउंट (Photo: iStock)

जीरो बैलेंस अकाउंट क्या होता है

जीरो बैलेंस अकाउंट को आम तौर पर Basic Savings Bank Deposit Account (BSBDA) कहा जाता है। इसके अंतर्गत प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के तहत खोले गए खाते भी आते हैं। इस तरह के खातों का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ना है, जो पहले बैंकिंग सर्विस से वंचित थे जैसे छोटे जमाकर्ता, ग्रामीण क्षेत्र के लोग और कमजोर वर्ग।

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