UP ट्रेड शो में छाए युवा उद्यमी, छोटे शहरों से निकलकर आज लाखों-करोड़ों का टर्नओवर और कई परिवारों को रोजगार

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश के युवाओं की नई सोच, कड़ी मेहनत और आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानियां देखने को मिलीं। राज्य सरकार की 'मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना' से मिली आर्थिक सहायता ने न केवल साधारण पृष्ठभूमि के लोगों के सपनों को पंख दिए हैं, बल्कि उन्हें स्थानीय स्तर पर नए रोजगार का सृजन करने वाला सफल उद्यमी भी बना दिया है।

कारोबार शुरू करने के लिए बड़े निवेश और बड़ी पूंजी की जरूरत होती है, ऐसा अक्सर माना जाता है। लेकिन उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में ऐसी कई कहानियां देखने को मिल रही हैं, जहां सरकारी ऋण सहायता से लोगों ने छोटे स्तर पर कारोबार शुरू किया और धीरे-धीरे उसे बाजार तक पहुंचाया। खास बात यह है कि इन कारोबारों ने सिर्फ उद्यमियों को आत्मनिर्भर नहीं बनाया, बल्कि दूसरे लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर तैयार किए हैं।

Success Story

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो

ऐसी ही कहानी गोरखपुर के रमेश और उनकी पत्नी रीना की है। दोनों ने 'मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना' के तहत करीब 4.90 लाख रुपये का ऋण लेकर गाय के गोबर और प्राकृतिक सामग्रियों से पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद बनाने का कारोबार शुरू किया। उनके ब्रांड का नाम 'सत्यवती' है। रमेश और रीना ने गोबर से धूप-स्टिक, धूप-कोण, समरानी कप और इको-फ्रेंडली दीये बनाना शुरू किया। छोटे स्तर से शुरू हुआ यह कारोबार धीरे-धीरे गोरखपुर से बाहर निकला और आज दिल्ली, हरियाणा समेत दूसरे बाजारों तक पहुंच चुका है। उनके बनाए सुगंधित दीयों की कीमत करीब 10 रुपये प्रति पीस है।

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