अगर आप भी पर्सनल लोन या होम लोन लेने का प्लान कर रहे हैं तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है। लोन लेने के लिए सिर्फ बैंक में अप्लाई कर देना ही काफी नहीं होता है। अगर आप सोचते हैं की आप बैंकिंग ऐप या बैंक में जाकर लोन के लिए अप्लाई कर देंगे और आपको लोन मिल जाएगा तो आपक ये ख्याल बिलकुल गलत है। दरअसल, लोन के लिए अप्लाई करने के बाद बैंक सबसे पहले आपकी एक जानकारी चेक करते हैं अगर वो सही होती है तभी आपका लोन अप्लीकेशन आगे फॉरवर्ड होता है वर्ण रिजेक्ट हो जाता है। ऐसे में आइए आपको बताते हैं कि बैंको लोन देने से पहले सबसे पहले क्या चेक करते हैं?
सबसे पहले क्या चेक करते हैं बैंक?
सबसे पहले, लेंडर्स आपकी इनकम और नौकरी की स्थिरता देखना चाहते हैं। वे यह जानना चाहते हैं कि आपकी इनकम नियमित है और आप लोन चुकाने में सक्षम हैं। ज्यादा इनकम और लंबे समय से एक ही कंपनी में काम करना लोन मिलने की संभावना बढ़ा देता है। अगर आप सेल्फ-एम्प्लॉइड हैं, तो आपको अपने बिजनेस की इनकम दिखानी होती है।
इसके अलावा, आपका क्रेडिट स्कोर और लोन भुगतान का रिकॉर्ड बहुत अहम होता है। आमतौर पर 750 या उससे ऊपर का स्कोर अच्छा माना जाता है। अगर आपने पहले देर से भुगतान किया है या बार-बार लोन के लिए अप्लाई किया है, तो यह आपकी योग्यता को प्रभावित कर सकता है।
क्या क्या चेक करते हैं बैंक?
लेंडर्स यह भी देखते हैं कि आपकी इनकम का कितना हिस्सा पहले से ईएमआई में जा रहा है। अगर आपकी इनकम का 40-50 फीसदी या उससे ज्यादा हिस्सा पहले से बंधा है, तो नया लोन मिलना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में पुराने कर्ज को चुकाना या कर्ज कंसोलिडेशन करना मददगार साबित होता है।
उम्र और लोन चुकाने की क्षमता भी मायने रखती है। ज्यादातर बैंक 21 से 60 साल तक की उम्र वाले लोगों को लोन देते हैं। युवा होने पर कम रिस्क माना जाता है, लेकिन बहुत कम उम्र में ट्रैक रिकॉर्ड न होने से परेशानी हो सकती है। इसके अलावा, आपकी कंपनी और प्रोफाइल भी महत्वपूर्ण हैं। प्रतिष्ठित कंपनी में काम करना और आपकी प्रोफेशनल योग्यता लोन मिलने के चांस बढ़ा देती हैं।
अक्सर मन में आते हैं ये सवाल
अक्सर पूछे जाने वाले सवालों में शामिल है कि क्या कम क्रेडिट स्कोर पर लोन मिल सकता है। इसका जवाब है हां, लेकिन ऐसे लोन पर आमतौर पर कम अमाउंट और ज्यादा ब्याज दर लगता है। इसलिए पहले क्रेडिट स्कोर सुधारना बेहतर होता है। सभी बैंक एक जैसे नियम नहीं रखते। क्रेडिट स्कोर और इनकम हर जगह जरूरी हैं, लेकिन हर लेंडर के अपने कट-ऑफ और वेटेज होते हैं। कई लेंडरों को एक साथ अप्लाई करने से चांस बढ़ने की उम्मीद नहीं होती। बल्कि ज्यादा अप्लिकेशन करने से क्रेडिट स्कोर खराब हो सकता है। इसलिए पहले ऑनलाइन एलिजिबिलिटी चेक करना समझदारी है।
इसलिए, सिर्फ अप्लाई करने से पर्सनल या होम लोन नहीं मिलेगा। बैंक और लेंडर पहले आपकी इनकम, क्रेडिट हिस्ट्री, मौजूदा लोन, उम्र और प्रोफाइल जैसी चीजों को ध्यान से चेक करते हैं।
