क्या आप भी करते हैं लाखों के UPI और NEFT ट्रांसफर? यह एक गलती ला सकती है IT का नोटिस!

आजकल UPI, NEFT या RTGS से बड़े लेनदेन बहुत आम हो गए हैं, लेकिन अनजाने में की गई कुछ गलतियां आयकर विभाग का नोटिस ला सकती हैं। जानिए हाई-वैल्यू ट्रांजेक्शन से जुड़े जरूरी नियम और नोटिस से बचने के आसान तरीके।

डिजिटल इंडिया के इस दौर में UPI, NEFT, RTGS और IMPS के जरिए पैसों का लेनदेन बेहद आसान और तेज हो गया है। छोटी-मोटी खरीदारी से लेकर लाखों रुपये के ट्रांसफर तक, लोग अब कैश की जगह डिजिटल माध्यमों का ही इस्तेमाल करना पसंद करते हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि डिजिटल पेमेंट की यह सहूलियत अगर बिना सोचे-समझे और सही जानकारी के बिना इस्तेमाल की जाए, तो आपके पास आयकर विभाग (Income Tax Department) का नोटिस आ सकता है?

UPI  Income tax rules

क्या आप भी करते हैं लाखों के UPI और NEFT ट्रांसफर?

इनकम टैक्स विभाग कहां-कहां रखता है नजर

आयकर विभाग देश में होने वाले सभी हाई-वैल्यू (बड़ी रकम वाले) ट्रांजेक्शन पर कड़ी नजर रखता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और इनकम टैक्स नियमों के तहत बैंकों, वित्तीय संस्थानों और पेमेंट प्लेटफॉर्म्स के लिए यह अनिवार्य है कि वे एक तय सीमा से अधिक के लेनदेन की जानकारी Annual Information Statement (AIS) और टैक्स अधिकारियों को दें। अगर आपके खाते में आपकी घोषित आय (Reported Income) से अधिक की राशि का डिजिटल ट्रांजेक्शन होता है, तो सिस्टम में रेड फ्लैग (Red Flag) हो जाता है, जिससे आईटी विभाग का ध्यान आपकी ओर आकर्षित होता है।

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