FPI: गलत तरीके से निवेश पर लगेगी रोक! भारत ने मॉरीशस फॉरेन पोर्टफोलियो इंवेस्टमेंट के लिए खत्म की टैक्स राहत

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Apr 11, 2024, 01:17 PM IST

Foreign Portfolio Investment: मॉरीशस के रास्ते गलत तरीके से निवेश पर रोक लगाने के लिए भारत सरकार ने कदम उठाया है। सरकार ने मॉरीशस फॉरेन पोर्टफोलियो इंवेस्टमेंट के लिए (FPI) आसान टैक्स राहत को खत्म कर दिया है। दोनों देश अपने दोहरे टैक्सेशन से बचाव समझौते में संशोधन करने के लिए एक प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं। विदेशी निवेशकों को अपने निवेश की अधिक जांच से गुजरना पड़ेगा।

Foreign Portfolio Investment: गलत तरीके से भारत में निवेश को रोकने के लिए भारत सरकार नया कदम उठाने जा रही है। मॉरीशस के रास्ते भारत में प्रवेश करने वाले विदेशी निवेशकों को अपने निवेश की अधिक जांच का सामना करना पड़ेगा। दोनों देश अपने दोहरे टैक्सेशन से बचाव समझौते में संशोधन करने के लिए एक प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर करने वाले हैं। इकॉनोमिक्स टाइम्स के मुताबिक एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे पिछले निवेशों के ओपन एक्जिट पर भी सवाल उठ सकते हैं और संशोधित नियमों से उन्हें अलग रखने के लिए कोई प्रोविजन संभव नहीं है। संशोधन में विशेष रूप से कहा गया है कि संधि के तहत राहत किसी अन्य देश के निवासियों के अप्रत्यक्ष लाभ के लिए नहीं हो सकती है। करीब सभी मामलों में भारत में निवेश करने वाली मॉरीशस संस्थाओं के शेयरहोल्डर या निवेशक अन्य देशों से हैं। सख्त मानदंड थर्ड पार्टी के देशों पर यह सीमा एक चिंता का विषय होगी, साथ ही यह प्रदर्शित करने की नई जरुरत होगी कि टैक्स राहत निवेश के प्रमुख उद्देश्यों में से एक नहीं है।

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विदेश निवेश पर भारत की पैनी नजर

टैक्स छूट की जांच करेगा FPI

राजस्व अधिकारी अब प्रोटोकॉल में निर्धारित 'प्रिंसिपल पर्पस टेस्ट' के अनुसार संधि के तहत उपलब्ध छूट की जांच करेंगे। ईटी के मुताबिक ध्रुव एडवाइजर्स के पार्टनर, पुनित शाह ने कहा कि सामान्य एंटी-अवॉइडेंस रुल प्रोविजन की तुलना में इस टेस्ट में मॉरीशस में आधारित होने के लिए कॉमर्शियल तर्क की सीमा बहुत अधिक है। उन्होंने कहा कि मॉरीशस में स्थित विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक वर्तमान में डेरिवेटिव लेनदेन पर पूंजीगत लाभ पर टैक्स छूट का दावा करते हैं। फॉरेन पोर्टफोलियो इंवेस्टमेंट (FPI) के लिए यह साबित करना अनिवार्य होगा कि उनके लिए मॉरीशस में रहने के लिए पर्याप्त गैर-टैक्स जस्टिफिकेशन और कॉमर्शियल तर्क है तो वे संधि लाभ का क्लेम करें।

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